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एक्सप्रेसवे अथारिटी की बदइंतजामियों से हुआ बस हादस

एक्सप्रेसवे अथारिटी की बदइंतजामियों से हुआ बस हादसा - जांच रिपोर्ट में खुलासा

उत्तर प्रदेश में मथुरा के पास यमुना एक्सप्रेस-वे पर पिछले दिनों हुई भीषण बस दुर्घटना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी की बदइंतजामियों प्राधिकरण की लापरवाही और खामियों की वजह से हुई।

एक्सप्रेसवे अथारिटी की बदइंतजामियों से हुआ बस हादसा - जांच रिपोर्ट में खुलासा

bus accident occurred due to the mismanagement of the Expressway Authority |

मथुरा। उत्तर प्रदेश में मथुरा के पास यमुना एक्सप्रेस-वे पर पिछले दिनों हुई भीषण बस दुर्घटना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी की बदइंतजामियों प्राधिकरण की लापरवाही और खामियों की वजह से हुई। यह बात तो भीषण बस हादसे के लिए गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट से सामने आयी है। इस दुर्घटना में कई बसों के आपस में भिड़ जाने से उनमें आग लग गयी थी जिसमें 19 लोगों की मृत्यु हो गई थी।

बदइंतजामी के कारण हुआ हादसा, दुर्घटनास्थल के पास नहीं लगा कोई सीसीटीवी

मथुरा के पास यमुना एक्सप्रेस-वे पर बलदेव स्थित माइल स्टोन 127 पर हुए भीषण हादसे की जांच के लिए गठित जांच कमेटी ने माना है कि हादसे के पीछे यमुना एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा इंतजाम नाकाफी होना महत्वपूर्ण है कारण रहा। दुर्घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी भी नहीं पाया गया, जिससे हादसे के बारे में सटीक जानकारी नहीं मिली। एक्सप्रेस वे पर टोल वसूलने के बाद भी यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कमेटी ने 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने पर बल दिया है। इसके लिए उपाय भी सुझाए हैं।

फरीदाबाद की विशेष टीम ने भी दुर्घटनास्थल का मुआयना कर तैयार की है अपनी अलग रिपोर्ट

मथुरा रोड हादसे को लेकर यमुना एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना की जांच के लिए बनी समिति की टीमों का शुक्रवार को सुबह चार बजे से ही मौके पर पहुंचना प्रारंभ हो गया था। टीमों ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर तथ्य जुटाये। आगरा की उप परिवहन आयुक्त विदिशा सिंह और आगरा के आरटीओ अखिलेश द्विवेदी की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रारंभिक रिपोर्ट परिवहन आयुक्त को भेज दी है। जांच टीमों ने अपनी रिपोर्ट में दुर्घटनास्थल पर अन्य स्थानों की अपेक्षा घना कोहरा पाया। इसके पीछे एक ओर रजवाहे का होना बताया गया। जब इस स्थल पर घना कोहरा रहता है तो यहां फोग लाइट और स्ट्रीट लाइटों की संख्या ज्यादा होनी चाहिए थी। जांच टीम के मुताबिक जिस स्थान पर हादसा हुआ है, वहां से थोड़ी दूरी पर यमुना का बहाव है। यहां नदी का कर्व भी एक्सप्रेसवे की ओर है। घटना वाली रात कोहरा बहुत अधिक नहीं था, लेकिन घटनास्थल से कुछ किमी दूर यमुना होने के कारण यहां ज्यादा कोहरा था। आशंका है कि यह कोहरा हादसे का कारण बना है। इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन, फरीदाबाद की विशेष टीम ने भी दुर्घटनास्थल का मुआयना कर अपनी अलग रिपोर्ट तैयार की है।

जांच के लिए बुलाए गए हैं लखनऊ और गाजियाबाद के वैज्ञानिक

जांच टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया है कि यमुना एक्सप्रेसवे का यह हिस्सा करीब 500 मीटर का है, जहां पर पूर्व में कई हादसे हुए हैं। जांच टीम ने पाया है कि जहां दुर्घटना हुई वहां ब्लैक स्पॉट था। इसके बावजूद सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए गए। सड़क पर पेंटिंग दूर-दूर तक नहीं पायी गयी। इसी तरह एक्सप्रेस-वे पर रिफ्लेक्टर भी काम नहीं कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि घने कोहरे में रिफ्लेक्टर नहीं दिखते, फिर भी रोड पर लाइट और अत्यधिक जरूरी कैट आइ नहीं लगाईं। सड़क के घुमावदार होने के संकेतक कोहरे में दिखाई नहीं देते। यहां सड़क भी नीची बनाई गई है। बसों में लगी आग में जल चुकी हड्डियां हाथ में पकड़ते ही चूरा बन जा रही हैं। ऐसे में डीएनए न मिला तो मुश्किल खड़ी होगी। इसको देखते हुए आगरा के वैज्ञानिकों के साथ ही लखनऊ और गाजियाबाद के वैज्ञानिकों को भी जांच के लिए बुलाया गया है।

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