चितईपुर थाना क्षेत्र स्थित महामना मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान में सोमवार देर रात एक कैंसर मरीज ने अस्पताल की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया।
वाराणसी (उत्तर प्रदेश): चितईपुर थाना क्षेत्र स्थित महामना मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान में सोमवार देर रात एक कैंसर मरीज ने अस्पताल की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल मरीज को तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी में रखवा दिया है।
एक महीने से चल रहा था कैंसर का इलाज
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान रामेश्वर कुमार (35) पुत्र नंदकिशोर, निवासी ग्राम मोहजम्मा, थाना पारु, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) के रूप में हुई है। रामेश्वर कुमार पिछले करीब एक महीने से महामना मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान में भर्ती था और कैंसर का इलाज करा रहा था। बताया गया कि कुछ दिन पहले ही उसकी सर्जरी हुई थी, जिसके बाद उसे अस्पताल के आईपीडी वार्ड नंबर-4 में भर्ती किया गया था।
देर रात चौथी मंजिल से लगाई छलांग
जानकारी के मुताबिक, सोमवार देर रात करीब 12:50 बजे रामेश्वर कुमार वार्ड से बाहर निकला और अस्पताल की चौथी मंजिल पर पहुंच गया। इसके बाद उसने वहां से नीचे छलांग लगा दी। नीचे गिरने की तेज आवाज सुनकर अस्पताल के सुरक्षा कर्मी और स्टाफ मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में उसे तुरंत सर सुंदरलाल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की जानकारी मिलते ही चितईपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच कर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। इसके अलावा पुलिस अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि घटना के पूरे क्रम की पुष्टि की जा सके।
बीमारी और आर्थिक परेशानी की आशंका
पुलिस ने अस्पताल प्रशासन, ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों और मृतक के परिजनों से पूछताछ की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रामेश्वर कुमार लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। परिजनों ने बताया कि लगातार इलाज और ऑपरेशन के कारण परिवार आर्थिक परेशानियों से भी गुजर रहा था। पुलिस का कहना है कि बीमारी और आर्थिक तनाव के चलते मरीज ने यह कदम उठाया हो सकता है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
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