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वाराणसी रेल मंडल में CBI की बड़ी कार्रवाई

वाराणसी रेल मंडल में CBI की बड़ी कार्रवाई, वरिष्ठ रेलवे अधिकारी 1.70 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार

वाराणसी रेल मंडल में सीबीआई ने फर्नीचर सप्लाई का बिल पास कराने के बदले 1.70 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी को गिरफ्तार किया। मामले की जांच जारी है।

वाराणसी रेल मंडल में cbi की बड़ी कार्रवाई वरिष्ठ रेलवे अधिकारी 170 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार

CBI Arrests Senior Railway Officer Taking Rs 1.70 Lakh Bribe in Varanasi |

वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने वाराणसी रेल मंडल में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी को 1.70 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर फर्नीचर सप्लाई का बिल पास कराने के एवज में ठेकेदार से रिश्वत मांगने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने अधिकारी के कार्यालय और आवास पर छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

फर्नीचर सप्लाई का बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप

जानकारी के अनुसार, बनारस रेल मंडल में तैनात वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) नितेश अग्रवाल पर एक फर्नीचर ठेकेदार से बिल पास कराने के बदले 1.70 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से की थी। शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद सीबीआई ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और अधिकारी को कथित रूप से रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

कार्यालय और आवास पर छापेमारी, दस्तावेजों की जांच

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम ने अधिकारी के कार्यालय और आवास पर एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान बैंक खातों, वित्तीय दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की पड़ताल की गई। इसके अलावा अधिकारी के अधीन कार्यरत कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई और कई महत्वपूर्ण फाइलों को जांच के दायरे में लिया गया।

रेल मंडल में मची हलचल, बड़े नेटवर्क की भी जांच

सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद पूरे रेल मंडल में हलचल मच गई। अधिकारी और कर्मचारियों के बीच दिनभर इस कार्रवाई की चर्चा होती रही। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि रिश्वतखोरी का मामला किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है और इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका रही है या नहीं।

वाराणसी में पहले भी हो चुकी हैं CBI की भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई

गौरतलब है कि वाराणसी में रेलवे अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले अक्टूबर 2024 में डीआरएम कार्यालय में छापेमारी के दौरान एक वरिष्ठ मंडल अभियंता को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। वहीं अप्रैल 2024 में पूर्वोत्तर रेलवे के एक वरिष्ठ इंजीनियर के खिलाफ भी सीबीआई ने इसी तरह की कार्रवाई की थी। जुलाई 2025 में गति शक्ति परियोजना से जुड़े मामलों में भी जांच एजेंसी ने छापेमारी की थी।

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