नशा-विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच अब CBI के पास आ गई है। चंडीगढ़ ब्रांच ने केस दर्ज कर मानसा में रिकॉर्ड और दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं।
चंडीगढ़। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पंजाब के मानसा में चर्चित नशा-विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की सनसनीखेज हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज कर आधिकारिक रूप से जांच अपने हाथों में ले ली है। फेसबुक लाइव के दौरान हुई इस हत्या के मुख्य आरोपी केमिस्ट को पहले ही राजस्थान से गिरफ्तार किया जा चुका है।
पंजाब सरकार की सहमति और केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद CBI की चंडीगढ़ स्थित स्पेशल क्राइम ब्रांच ने इस हाई-प्रोफाइल केस की कमान संभाली है। मामले की जांच CBI इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह को सौंपी गई है, जबकि एक वरिष्ठ डीआईजी के नेतृत्व में जांच टीम मानसा पहुंच चुकी है।
सख्त धाराओं में केस दर्ज
एजेंसी ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 109, 118(1), 61(2) और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। जांच टीम ने मानसा पुलिस थाने से केस से जुड़े दस्तावेज और जब्त सामान अपने कब्जे में ले लिया है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट और ड्रग कंट्रोलर भी तकनीकी जांच में मदद के लिए मानसा पहुंच रहे हैं।
परिवार से पूछताछ और आगे की कार्रवाई
प्रारंभिक कार्यवाही के तहत जांच टीम ने मानसा सर्किट हाउस में मृतक के परिजनों से मुलाकात की। अधिकारियों के मुताबिक, "CBI टीम ने रिकॉर्ड और जब्त सामान अपने कब्जे में ले लिया है। फॉरेंसिक और ड्रग कंट्रोलर के विशेषज्ञ भी जल्द ही अपनी रिपोर्ट देंगे।" अब एजेंसी मुख्य आरोपी केमिस्ट अश्वनी कुमार और अन्य संदिग्धों की रिमांड की मांग करेगी, ताकि अवैध ड्रग्स के इस बड़े नेटवर्क और हत्या के तमाम पहलुओं से पर्दा उठाया जा सके।
क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि 13 अक्टूबर 2026 को मानसा के एक बाजार में परमिंदर सिंह झोटा (45) ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को प्रतिबंधित दवाएं बेचे जाने का विरोध किया था। केमिस्ट अश्वनी कुमार के साथ हुई इस तीखी झड़प के दौरान हुई गोलीबारी में झोटा की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए थे। परिवार के कड़े संघर्ष और राजनीतिक दबाव के बाद इस मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसी को सौंपी गई है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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