कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने राजस्थान में ''आदिवासी स्कूल ठीक करो अभियान'' शुरू करने की घोषणा की है।
जयपुर (राजस्थान)। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने गुरुवार को राजस्थान में आदिवासी स्कूल ठीक करो अभियान शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य के आदिवासी इलाकों को कवर करेगी और स्कूलों व हॉस्टलों की हालत पर ध्यान केंद्रित करेगी।
स्कूल ठीक करो अभियान का दूसरा चरण
रांका ने बताया कि यह अभियान स्कूल ठीक करो अभियान के दूसरे चरण का हिस्सा है। इस अभियान के तहत 15 अगस्त को इसकी शुरुआत के बाद से अब तक देश भर में 15,000 से ज्यादा स्कूलों का ऑडिट किया जा चुका है।
देश भर में 15,000 से अधिक स्कूलों का ऑडिट
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रांका ने कहा, "अब तक देश भर में 15,000 से ज्यादा स्कूलों का ऑडिट किया जा चुका है। न केवल CJP के वॉलंटियर्स ने, बल्कि माता-पिता, जेन अल्फा और देश भर के लोगों ने भी इसी तरह स्कूलों का ऑडिट किया है।" रांका ने दावा किया कि इस अभियान ने सरकारों पर दबाव डाला है और उन्होंने हरियाणा व राजस्थान में जर्जर स्कूल भवनों को लेकर उठाए जा रहे कदमों का जिक्र किया।
सरकारों पर बढ़ता दबाव और 12,500 करोड़ रुपये का रोडमैप
उन्होंने कहा, "इससे निश्चित रूप से सरकारों पर दबाव पड़ा है। आपने पढ़ा होगा कि कैसे देश भर की सरकारें अब अलग-अलग तरीकों से पहल कर रही हैं। कल ही हमने पढ़ा कि हरियाणा में 2,800 से ज्यादा जर्जर स्कूल भवनों को गिराया जाएगा।" उन्होंने बताया कि राजस्थान में CJP और नागरिकों द्वारा 500 से ज्यादा स्कूलों का ऑडिट किया गया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों में जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए 12,500 करोड़ रुपये का रोडमैप जारी किया है।
रोडमैप पर कड़ी नजर रखने की चेतावनी
उन्होंने कहा, "हमें बहुत खुशी है कि बढ़ते दबाव के कारण राजस्थान सरकार ने अगले तीन वर्षों में सभी जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए 12,500 करोड़ रुपये का रोडमैप जारी किया है। हम सरकार द्वारा बनाए गए इस निवेश या रोडमैप पर बहुत बारीकी से नजर रखेंगे। इस बार हम कोई चूक नहीं होने देंगे। आपको राजस्थान में सभी सरकारी स्कूलों को ठीक करना ही होगा। आपके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।"
महाराष्ट्र और झालावाड़ की दर्दनाक घटनाएं
रांका ने महाराष्ट्र के आदिवासी इलाकों में बच्चों की मौत पर भी चिंता जताई और पिछले साल राजस्थान में झालावाड़ स्कूल की छत गिरने की घटना का जिक्र किया। रंका ने कहा, “महाराष्ट्र में पिछले दो सालों में आदिवासी इलाकों में 600 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। ये वे बच्चे थे जो वनवासी कल्याण आश्रमों में भी रहते थे। हमारे राजस्थान में भी, आप सभी को पिछले साल हुई झालावाड़ की घटना याद होगी। आज भी, जब हम 25 जुलाई की उस घटना के बारे में सोचते हैं, तो बहुत दुख होता है। आदिवासी समुदाय के हमारे सात बच्चों की मौत तब हो गई थी जब उनके स्कूल की छत गिर गई थी।”
जर्जर इमारतों और टेंट में पढ़ाई की मजबूरी
उन्होंने दावा किया कि झालावाड़ में स्कूलों की हालत वैसी ही बनी हुई है। कुछ स्कूल जर्जर इमारतों में चल रहे हैं, जबकि प्रशासन ने कुछ स्कूलों को बंद कर दिया है। इससे छात्रों को खुले में या टेंट के नीचे पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
आदिवासी इलाकों के दौरे की रूपरेखा
उन्होंने कहा, “इसलिए, हम आदिवासी स्कूल ठीक करो अभियान शुरू कर रहे हैं। हम कल राजस्थान में इसकी शुरुआत करेंगे। आने वाले दिनों में हम राजस्थान के सभी आदिवासी इलाकों का दौरा करेंगे। मैं अपनी रणनीति और उन जिलों के बारे में भी कुछ जानकारी दूंगा जिनका हम निरीक्षण करेंगे।” (Source: ANI)
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