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₹2479 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण

सीएम योगी बोले- नोएडा और ग्रेटर नोएडा बने देश के सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्य, ₹2479 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर में ₹2479 करोड़ की लागत से सेक्टर- 96 स्थित नोएडा प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन समेत 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

सीएम योगी बोले- नोएडा और ग्रेटर नोएडा बने देश के सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्य ₹2479 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण

CM Yogi Launches Projects Worth ₹2,479 Crore in Noida |

गौतमबुद्ध (उत्तर प्रदेश)। अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर में नोएडा और दादरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ₹2479 करोड़ की लागत से सेक्टर- 96 स्थित नोएडा प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन समेत 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इसके साथ ही यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण की कर्टेन रेजर सेरेमनी, ओडीओपी एवं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूल किट, एमएसएमई इकाइयों एवं तकनीकी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी चेक, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को चेक तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले बैंकर्स को प्रशस्ति पत्र वितरित किए।

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी बन रहे देश का सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर शापित नहीं है बल्कि आज नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी मिलकर देश का सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्य बन रहे हैं। तीनों अथॉरिटी तेजी से कार्य कर रही हैं। वर्षों की जकड़न टूटी है, कार्य संस्कृति बदली है और नागरिकों व उद्यमियों की समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मुझे विश्वास है कि यह नया कार्यालय विकास की नई पहचान बनेगा। मैं यहां के नागरिकों, किसानों, उद्यमियों, जनप्रतिनिधियों और अथॉरिटी को शुभकामनाएं देता हूं। 50 वर्ष के बाद नोएडा अथॉरिटी के पास अपना भव्य कार्यालय स्थापित होना किसी उपलब्धि से कम नहीं है।

2017 से पहले गौतमबुद्ध नगर को शापित मानते थे तत्कालीन मुख्यमंत्री

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्रियों के लिए गौतमबुद्ध नगर शापित माना जाता था। वे यहां आने से बचते थे। 2017 में मेरे मुख्यमंत्री बनने के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो के उद्घाटन के लिए यहां आने वाले थे, तब प्रधानमंत्री कार्यालय से संदेश आया कि किसी मंत्री को कार्यक्रम में भेज सकते हैं, क्योंकि नोएडा के बारे में मान्यता थी कि मुख्यमंत्री वहां नहीं जाते। सीएम योगी ने बताया कि मैंने स्पष्ट कहा कि मैं स्वयं नोएडा आऊंगा। मैं इन बातों को नहीं मानता। सरकार का काम जनता की समस्याओं का समाधान निकालना है।

बिल्डर-बायर्स विवाद का समाधान कर लाखों लोगों को दिलाया घर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिल्डर-बायर्स विवाद की थी। हमारी सरकार ने एक वर्ष के भीतर सवा लाख बायर्स को आवास उपलब्ध कराया। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो नीति आयोग के सीईओ के नेतृत्व में हाई लेवल कमेटी बनाई गई। आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर तीन लाख से अधिक बायर्स को उनका आवास दिलाने में सफलता मिली। अब नोएडा अथॉरिटी का अपना भवन होने से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अन्नदाता किसान, उद्यमी, एसोसिएशन और आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान अब एक ही छत के नीचे होगा। अथॉरिटी यदि सभी सेवाएं ऑनलाइन कर दे तो व्यवस्था और प्रभावी होगी। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से प्रत्येक कार्य की निगरानी की जा सकेगी।

जमीन लेकर निवेश नहीं करने वालों को नोटिस जारी करें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन लोगों ने अथॉरिटी से जमीन लेकर निवेश नहीं किया है, उन्हें समयसीमा निर्धारित कर नोटिस जारी किया जाए। फिर भी यदि निवेश नहीं किया जाता है तो नए निवेशकों को आमंत्रित किया जाए और नया लैंड बैंक तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में बनी नोएडा अथॉरिटी और आज के समय में बहुत अंतर है। इसलिए वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने होंगे। आज उत्तर प्रदेश में कहीं भी जाइए, चारों ओर परिवर्तन दिखाई देता है। मैं ₹390 करोड़ की लागत से बने नोएडा अथॉरिटी के भव्य भवन के लिए बधाई देता हूं। आज लोग बदले हुए उत्तर प्रदेश को नजदीक से महसूस कर रहे हैं। नौ वर्ष पहले का उत्तर प्रदेश क्या था और आज क्या है, यह अंतर हर व्यक्ति देख सकता है।

जेवर एयरपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर मैन्युफैक्चरिंग बदल रहे हैं तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज परिवर्तन स्पष्ट दिखाई दे रहा है। मैं जेवर एयरपोर्ट पर उतरा हूं। वहां से घरेलू कमर्शियल उड़ानें शुरू हो चुकी हैं और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी। लगभग ₹7000 करोड़ के निवेश से इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट निर्माण की आधारशिला रखी गई है। वहीं ₹8200 करोड़ की लागत से आधुनिक सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की भी आधारशिला रखी गई है। इससे गौतमबुद्ध नगर इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनेगा। एक समय यह प्रदेश का सबसे खतरनाक क्षेत्र माना जाता था। लोग शाम के बाद यहां आने से डरते थे। आज वहीं फिल्म सिटी, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क और बड़े-बड़े औद्योगिक निवेश हो रहे हैं। यह सब इसलिए संभव हुआ क्योंकि डबल इंजन सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके, बिना डरे और बिना झुके निर्णय लेने की क्षमता विकसित की।

एमएसएमई ही विकसित भारत की मजबूत नींव

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम किसी भी बड़े उद्योग की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब खुशहाल किसान, विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग पावर साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कारीगर और हस्तशिल्पी हतोत्साहित थे। न बाजार था, न डिजाइन, न तकनीक और न ही कोई सहायता। सरकार ने हाई लेवल कमेटी बनाकर ब्रांडिंग, नई डिजाइन, नई तकनीक और बाजार से जोड़ने की रणनीति बनाई।

ओडीओपी आज भारत की पहचान बन चुका है

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ भारत का ब्रांड बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला मानते हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्य कर रही हैं, जिनमें सवा तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। कोविड काल में जब पूरी दुनिया ठहर गई थी, तब उत्तर प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर चलता रहा। 40 लाख से अधिक श्रमिक वापस लौटे लेकिन सरकार ने उनके भोजन, राशन और रोजगार की जिम्मेदारी ली। एमएसएमई इकाइयों से अपील की गई कि वे एक-दो लोगों को रोजगार दें। परिणामस्वरूप 90 प्रतिशत से अधिक श्रमिक प्रदेश में ही रुक गए और आज विकास में योगदान दे रहे हैं।

यूपी आज ₹2 लाख करोड़ से अधिक का निर्यात कर रहा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने एमएसएमई को तकनीक, डिजाइन और कॉमन फैसिलिटी सेंटर उपलब्ध कराए। आज उत्तर प्रदेश ₹2 लाख करोड़ से अधिक के उत्पादों का निर्यात कर रहा है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में लगातार उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार शो आयोजित किया जा रहा है जिससे दुनिया भर के खरीदार प्रदेश के उत्पादों से जुड़ रहे हैं।  भारत के कुल मोबाइल निर्माण का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का लगभग 60 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। यह प्रदेश की नई औद्योगिक ताकत का प्रमाण है।

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