मध्य प्रदेश में पिछले 13 दिनों से ठप पड़ी कमर्शियल एलपीजी (LPG) सप्लाई को सरकार ने दोबारा शुरू करने का आदेश दे दिया है।
भोपाल/ग्वावियर। मध्य प्रदेश के होटल व्यवसायियों और स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए राहत भरी खबर है। पिछले 13 दिनों से ठप पड़ी कमर्शियल एलपीजी (LPG) सप्लाई को सरकार ने दोबारा शुरू करने का आदेश दे दिया है। सोमवार रात जारी किए गए इस आदेश के बाद मंगलवार (24 मार्च) से राज्य भर में गैस की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
इन्हें मिलेगा लाभ
राज्य के लगभग 50 हजार होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को सीधे तौर पर राहत मिलेगी। सोमवार रात आदेश जारी होने के बाद मंगलवार से सिलेंडरों का वितरण शुरू होने का अनुमान है। पिछले लगभग दो हफ्तों से कमर्शियल गैस की किल्लत के चलते छोटे और बड़े खाद्य व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
होटल और फास्ट फूड वेंडर को मिलेंगे सिलेंडर
लंबे समय से बंद पड़ी सप्लाई के कारण कई छोटे वेंडर्स के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। सरकार के इस फैसले से अब बाजार में फिर से रौनक लौटने की उम्मीद है। आदेश के मुताबिक, अब प्राथमिकता के आधार पर होटलों और फूड कर्ट्स को सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।
ग्वालियर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के लिए नई गाइडलाइन
ग्वालियर कलेक्टर ने जिले में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वितरण की एक नई व्यवस्था लागू की है। अब सिलेंडरों का आवंटन 'प्राथमिकता क्रम' (Priority List) के आधार पर किया जाएगा। नई गाइडलाइन के अनुसार, कुल उपलब्ध सिलेंडरों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिशत के आधार पर बांटा गया है। प्रथम प्राथमिकता (स्कूल और अस्पताल) में सबसे पहले कुल सिलेंडरों का 30% हिस्सा शैक्षणिक संस्थानों (Schools) और चिकित्सा संस्थानों (Hospitals) को दिया जाएगा। प्रशासन ने इन जगहों पर गैस की आवश्यकता को 100% अनिवार्य माना है।
यह क्रम बनाया गया है
दूसरे प्राथमिकता (सुरक्षा बल) में उपलब्ध स्टॉक का 35% हिस्सा केंद्रीय सशस्त्र बल (CAPF), पुलिस और अन्य सुरक्षा इकाइयों के लिए आरक्षित किया गया है। इसके बाद अन्य क्षेत्र (होटल और रेस्टोरेंट) को रखा गया है। गाइडलाइन के मुताबिक, होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए कुल आपूर्ति का 9% हिस्सा निर्धारित किया गया है। यह नई व्यवस्था ग्वालियर कलेक्टर द्वारा सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने और आवश्यक सेवाओं में कमी न आने देने के उद्देश्य से लागू की गई है। इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि अस्पताल और स्कूल जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं को सिलेंडर के लिए भटकना न पड़े।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/bomb-threat-emails-target-bhopal-office-and-indore-rto/151438
भोपाल में संभागायुक्त कार्यालय को 15 साइनाइड बमों से उड़ाने की धमकी