मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह भी जताया कि वे सरकार का भी फिजूल खर्च नहीं कराना चाहते। प्रशासनिक बैठकें बहुत ही साधारण ढंग से हो रही हैं।
कल्याणी (नदिया)। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस की आला और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के 15 सालों में प्रशासनिक बैठकों में विरोधी दल के विधायकों और सांसदों को नहीं बुलाया जाता था। सरकारी अधिकारी विरोधी दल के विधायकों और सांसदों के फोन तक नहीं उठाते थे। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने विरोधी दल के विधायकों और सांसदों को प्रशासनिक बैठकों या सरकारी कार्यकर्मों में आने का आग्रह किया है। विरोधी दल के विधायकों और सांसदों का सहयोग जरूरी है।
सरकार और पार्टी को अलग-अलग रखें
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कल्याणी मे प्रशासनिक बैठक में तणमूल कांग्रेस की बारासात लोकसभा क्षेत्र की सांसद काकली घोष दस्तीदार, तृणमूल कांग्रेस की स्वरूपनगर विधानसभा क्षेत्र की विधायक वीणा मंडल, देवगंगा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिसुर रहमान और हावड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अब्दुल मतिन की मौजूदगी में खुशी जताई और कहा कि सांसद काकुली घोष दस्तीदार ने अपने क्षेत्र की समस्याओ को सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक पार्टी और सरकार अलग-अलग हैं। राजनीतिक पार्टी और सरकार को एक नहीं करना चाहिए। पिछली सरकार के समय उसकी पार्टी और सरकार में फर्क नहीं रह गया है। सरकार को सभी पार्टियों के जनप्रतिनिधियों को सहयोग से राज्य के हित में काम करना चाहिए। वे यह भी जाहिर कर चुके हैं कि शासन का कानून ही नहीं बल्कि कानून का शासन होगा।
सरकारी बैठकों में फिजूलखर्ची नहीं होगी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह भी जताया कि वे सरकार का भी फिजूल खर्च नहीं कराना चाहते। प्रशासनिक बैठकें बहुत ही साधारण ढंग से हो रही हैं। पिछली सरकार के समय प्रशासिनक बैठकों तामझाम और अफरात फिजूल खर्च होती थी। कल्याणी कोलकाता से एक घंटे के रास्ता है। वे यहां हेलीकाप्टर से नहीं आए। तमाम वरिष्ठ अधिकारी बस से आए। बैठक में खान-पान पर भी कोई खर्च नहीं हुआ। इस सरकार का मकसद विकास करना है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद शमिक भट्टाचार्य के एक प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है जिसके तहत इस सरकार को आपकी सरकार कहा जाएगा।
उन्होंने बताया कि कल्याणी की प्रशासनिक बैठक में तमाम अधिकारियों को विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से किए गए संकल्प को पूरा करने के लिए कहा गया है। केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं को पूरा करना है, जिन्हें रोक कर रखा गया है। केंद्र सरकार से उसके लिए आर्थिक सहायता प्राप्त करना है। इस राज्य के सभी सांसदों की इसमें अहम भूमिका है।
आयुष्मान योजना स्वास्थ्य विभाग से होगी
राज्य सरकार ने आयुष्मान योजना को स्वास्थ्य विभाग से अलग कर देने का निर्णय लिया गया है। उस योजना के लिए राज्य में अलग एक जिम्मेदार अधिकारी होंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रशासनिक बैठक में उत्तर चौबीस परगना, हुगली और नदिया जिले में विकास के कार्य को पूरा करने के लिए अधिकारियों के बीच समन्वय, स्वास्थ्य, अन्नपूर्णा पर चर्चा हुई। मानसून के वक्त आने वाली समस्याओ से निबटने के लिए पहले से तैयारी पर जोर दिया गया।
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