अम्बेडकरनगर में वैवाहिक विवाद के चलते अपनी सास की चाकू से गोदकर हत्या करने के मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी दामाद को उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अम्बेडकरनगर (उत्तर प्रदेश)। सम्मनपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में वैवाहिक विवाद के चलते सास की चाकू से गोदकर हत्या करने के मामले में अदालत ने आरोपी दामाद को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार की अदालत ने दोषी राकेश तिवारी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने जुर्माने की 80 प्रतिशत राशि मृतका के परिजनों को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया है। फैसले के बाद करीब डेढ़ साल पुराने इस हत्याकांड में न्यायिक कार्रवाई पूरी हो गई।
वैवाहिक संबंधों में विवाद बढ़ने पत्नी रहा रही थी अलग
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अयोध्या जिले के दर्शननगर क्षेत्र के असापुर तेलइया निवासी राकेश तिवारी की शादी शालिनी उपाध्याय से हुई थी। वैवाहिक संबंधों में विवाद बढ़ने के बाद शालिनी अपने पति से अलग होकर अपनी मां निर्मला देवी के साथ सिकंदरपुर गांव स्थित मायके में रहने लगी थी। दहेज उत्पीड़न को लेकर शालिनी ने महिला थाने में पति समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी।
व्हाट्सएप संदेश भेजकर बनाया था दबाव
अभियोजन के मुताबिक, घटना से पहले राकेश ने शालिनी के मोबाइल पर व्हाट्सएप संदेश भेजकर साथ रहने या तलाक लेने के संबंध में फैसला करने का दबाव बनाया था। उसने 10 जनवरी तक जवाब देने को कहा था। साथ ही परिवार को नुकसान पहुंचाने और आत्महत्या करने की धमकी भी दी थी।
बचाव करने आई मां पर किया जानलेवा हमला
11 जनवरी 2025 की रात करीब एक बजे आरोपी घर में दाखिल हुआ। शालिनी के बयान के अनुसार, आरोपी ने चाकू दिखाकर उसका मुंह दबाया और उसके दाहिने हाथ पर वार कर दिया। शोर सुनकर उसकी मां निर्मला देवी बचाव के लिए पहुंचीं तो आरोपी ने शालिनी को छोड़कर उन पर हमला कर दिया। उसने निर्मला देवी की गर्दन, पेट समेत शरीर के कई हिस्सों पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई।
गवाही और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला
मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को वैवाहिक विवाद के चलते फंसाए जाने और घटना के समय अयोध्या में मौजूद होने का तर्क दिया।
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