छपरा में भाकपा-माले ने मॉब लिंचिंग, पुलिस दमन और बुलडोजर राज के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। नेताओं ने कानून व्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दों पर सरकार को घेरा।
छपरा (बिहार)। भाकपा-माले के बिहार राज्यव्यापी आह्वान पर शनिवार को सारण जिला मुख्यालय छपरा में मॉब लिंचिंग, फर्जी मुठभेड़ों, बुलडोजर राज, पुलिस दमन तथा लोकतांत्रिक अधिकारों पर बढ़ते हमलों के खिलाफ विरोध मार्च निकाला गया। मार्च कचहरी स्टेशन से शुरू होकर थाना चौक होते हुए नगरपालिका चौक तक पहुंचा।
सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी
इसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं, छात्र-नौजवानों एवं समर्थकों ने भाग लिया।सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब हो रही है। मॉब लिंचिंग, जाति पूछकर हत्या, दलितों एवं गरीबों पर हमले तथा पुलिस दमन लोकतंत्र और संविधान पर हमला है।
जाति के आधार पर भेदभाव न करने की अपील
वक्ताओं ने कहा कि किसी भी घटना को जाति के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए और सभी पीड़ितों को समान न्याय मिलना चाहिए। नेताओं ने कहा कि सरकार कानून और न्याय की जगह बुलडोजर व एनकाउंटर की राजनीति को बढ़ावा दे रही है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा गया
उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, मनरेगा की बदहाल स्थिति, नए श्रम कानूनों और लगातार हो रहे पेपर लीक के मुद्दे को भी उठाया। छात्र-नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करने तथा शिक्षा और रोजगार के सवाल पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की गई।
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