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घटना के वक्त खेत में थे माता-पिता

दतियाः झोपड़ी में भीषण आग, से दो साल का मासूम जिंदा जला

माता-पिता और लोग जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। आग की लपटें इतनी तेज और भीषण थीं कि कोई भी झोपड़ी के भीतर दाखिल नहीं हो पाया। लाचार और बेबस माता-पिता बच्चे को जलता देखते रह गए।

दतियाः  झोपड़ी में भीषण आग से दो साल का मासूम जिंदा जला

प्रतीकात्मक फोटो |

दतिया। जिले के जिगना गांव से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां एक झोपड़ी में अचानक भीषण आग लगने से 2 साल का एक मासूम बच्चा जिंदा जल गया। हादसे के वक्त बच्चे के माता-पिता पास के ही खेत में काम कर रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि मासूम को बचाने का मौका ही नहीं मिला और खाट पर ही उसका झुलसा हुआ शव मिला।

​ऐसे हुआ दर्दनाक हादसा

जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा मंगलवार की शाम करीब साढ़े 5 बजे हुआ। जिगना गांव में रहने वाला एक मजदूर दंपत्ति अपने दो साल के मासूम बेटे को झोपड़ी के अंदर एक चारपाई पर लिटाकर पास के खेत में काम करने गया था। ​काम करने के दौरान अचानक उनकी नजर झोपड़ी से उठती तेज आग की लपटों पर पड़ी। अपनी आंखों के सामने झोपड़ी को जलता देख बेबस माता-पिता चीखते-चिल्लाते हुए बच्चे को बचाने के लिए दौड़े।

​नाकाम रही बचाने की कोशिशें 

​माता-पिता और आसपास के लोग जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। आग की लपटें इतनी तेज और भीषण थीं कि कोई भी झोपड़ी के भीतर दाखिल नहीं हो पाया। लाचार और बेबस माता-पिता अपनी आंखों के सामने अपनी झोपड़ी और कलेजे के टुकड़े को जलता हुआ देखते रहे, लेकिन चाहकर भी उसे बाहर नहीं निकाल सके।

अंदर था खौफनाक मंजर, जली खाट पर मिला झुलसा शव

​आग शांत होने के बाद जब अंदर जाकर देखा गया, तो मंजर बेहद खौफनाक था। मासूम बच्चा पूरी तरह से जल चुका था और खाट पर केवल उसकी झुलसी हुई लाश ही बची थी। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है।

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