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बांदा में दो मासूमों की मौत का मामला

दो बच्चों की मौत के मामले में नया मोड़, बहू ने ससुर और वादी के नार्को टेस्ट की मांग की

बांदा के नंदवारा गांव में दो बच्चों की मौत के मामले में कोमल सिंह ने अपने ससुर महेंद्र पाल वर्मा और वादी भइयाराम का नार्को व लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की है।

दो बच्चों की मौत के मामले में नया मोड़ बहू ने ससुर और वादी के नार्को टेस्ट की मांग की

Daughter-in-Law Seeks Narco Test of Father-in-Law and Complainant |

बांदा (उत्तर प्रदेश)। दो मासूम बच्चों की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है।नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव में हुई इस घटना को लेकर अब महेंद्र पाल वर्मा की बहू कोमल सिंह ने पुलिस अधीक्षक का दरवाजा खटखटाया है।उन्होंने अपने ससुर का नार्को टेस्ट और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग करते हुए मामले के वादी भइयाराम का भी यही परीक्षण कराने की अपील की है।प्रार्थिया का कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही घटना की सच्चाई सामने आ सकेगी।

पुरानी रंजिश और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का लगाया आरोप

पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 की रात भइयाराम राजपूत के दो नाबालिग बेटों के शव पानी भरे गड्ढे में मिले थे।इस मामले में दर्ज एफआईआर संख्या 0271/2026 को लेकर कोमल सिंह ने आरोप लगाया है कि पुरानी रंजिश और प्रधानी के चुनाव की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते उनके ससुर महेंद्र पाल वर्मा का नाम साजिशन मामले में शामिल कराया गया है।कोमल सिंह ने अपने ससुर को निर्दोष बताते हुए कहा कि घटना से उनका कोई लेना-देना नहीं है।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

सीबीआई जांच की मांग का भी किया जिक्र

प्रार्थना पत्र में कोमल सिंह ने कहा है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही उनके ससुर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सच्चाई सामने लाने की अपील की है।

वादी का भी टेस्ट कराने की मांग

मामले को लेकर कोमल सिंह ने महेंद्र पाल वर्मा के साथ मुकदमे के वादी भइयाराम का भी नार्को और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की है। प्रार्थिया का कहना है कि इससे घटना की जांच में मदद मिल सकती है।उन्होंने अपने ससुर को गिरफ्तारी से राहत देने की मांग भी की है।दो मासूम बच्चों की मौत से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अब पुलिस की जांच और प्रार्थना पत्र पर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी। 

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