प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

बहराइच में बेटी ने मां को दी मुखाग्नि

बहराइच में बेटी ने मां की चिता को दी मुखाग्नि, बेटे का फर्ज निभाकर पेश की मिसाल

बहराइच में श्रीयांशी सिंह ने मां अर्चना सिंह की चिता को मुखाग्नि देकर बेटे का फर्ज निभाया। भावुक दृश्य ने लोगों की आंखें नम कर दीं।

बहराइच में बेटी ने मां की चिता को दी मुखाग्नि बेटे का फर्ज निभाकर पेश की मिसाल

Daughter Performs Mother Last Rites in Bahraich, Sets an Example |

बहराइच {उत्तर प्रदेश}: बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं। बहराइच जिले के विकासखंड जरवल की ग्राम पंचायत करमुल्लापुर निवासी अर्चना सिंह के निधन के बाद उनकी बेटी श्रीयांशी सिंह ने बेटे का फर्ज निभाते हुए मां की चिता को मुखाग्नि दी। इस मार्मिक दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

पति के निधन के बाद बेटी ही थी परिवार का सहारा

बताया गया कि अर्चना सिंह के पति का पहले ही निधन हो चुका था। उनके परिवार में उनकी बेटी श्रीयांशी सिंह ही थीं। मां के निधन के बाद श्रीयांशी ने पूरे साहस के साथ अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई।

नम आंखों से मां को दी मुखाग्नि

अंतिम संस्कार के दौरान श्रीयांशी ने नम आंखों से अपनी मां की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उन्हें सांत्वना दी और उनके साहस की सराहना की।

'बेटियां बेटों से कम नहीं'

अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों ने कहा कि श्रीयांशी ने यह साबित कर दिया कि बेटियां बेटों से किसी भी मायने में कम नहीं होतीं। जिस तरह एक बेटा अपने माता-पिता के प्रति अंतिम जिम्मेदारी निभाता है, उसी तरह श्रीयांशी ने भी अपनी मां के प्रति बेटे का फर्ज निभाकर समाज के सामने मिसाल पेश की। इस भावुक पल के दौरान मौके पर मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं। लोगों ने श्रीयांशी को सांत्वना देते हुए उनके साहस की सराहना की।

बदलती सामाजिक सोच का दिया संदेश

इस मौके पर लोगों के बीच बेटियों की भूमिका और बदलती सामाजिक सोच को लेकर भी चर्चा होती रही। श्रीयांशी के इस कदम ने संदेश दिया कि संतान बेटा हो या बेटी, माता-पिता के प्रति जिम्मेदारी और भावनाएं समान होती हैं।

यह भी पढ़े: 12 बीघा जमीन के विवाद में महिला पर हमला, लाठी-डंडों से मारपीट का आरोप

Related to this topic: