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वाराणसी में 'मुर्दा' लड़ेगा चुनाव, मिला टिकट

वाराणसी की शिवपुर सीट से 'मुर्दा' लड़ेगा चुनाव, अमिताभ ठाकुर की पार्टी ने दिया टिकट

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले वाराणसी की शिवपुर विधानसभा सीट से एक अनोखा मामला सामने आया है।

वाराणसी की शिवपुर सीट से मुर्दा लड़ेगा चुनाव अमिताभ ठाकुर की पार्टी ने दिया टिकट

‘Dead Man’ to Contest Elections in Varanasi, Gets Ticket |

वाराणसी: उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले वाराणसी की शिवपुर विधानसभा सीट से एक अनोखा मामला सामने आया है। सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित किए जा चुके संतोष मूरत सिंह को पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की पार्टी आजाद अधिकार सेवा ने शिवपुर विधानसभा से अपना प्रत्याशी घोषित किया है। संतोष वर्षों से खुद को कागजों में जिंदा साबित करने की लड़ाई लड़ रहे हैं और गले में ‘मैं जिंदा हूं’ लिखी तख्ती लेकर सरकारी दफ्तरों और अदालतों के चक्कर काटते रहे हैं।

अमिताभ ठाकुर की पार्टी ने बनाया प्रत्याशी

पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी के अनुमोदन के बाद राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नूतन ठाकुर ने संतोष मूरत सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने का पत्र जारी किया। पार्टी अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने कहा कि संतोष अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार के खिलाफ नागरिकों की लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए चुनाव मैदान में उतरेंगे।

कागजों में मृत घोषित होने के बाद शुरू हुई लड़ाई

चौबेपुर निवासी संतोष मूरत सिंह के मुताबिक, वह कई दशक पहले वाराणसी से मुंबई चले गए थे। वहां उन्होंने फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर के साथ लंबे समय तक काम किया। बाद में जब वह वाराणसी लौटे तो उन्हें पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित किया जा चुका है। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर उनकी जमीन और मकान को बेच दिया गया। इसके बाद से ही संतोष खुद को सरकारी दस्तावेजों में जीवित साबित कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। संतोष का कहना है कि वर्षों से अधिकारियों और अदालतों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें अभी तक पूरी राहत नहीं मिली है।

'मैं जिंदा हूं' की तख्ती लेकर लड़ रहे लड़ाई

सरकारी रिकॉर्ड में खुद को मृत घोषित किए जाने के बाद संतोष ने अपनी पहचान और संपत्ति के अधिकार के लिए लंबी लड़ाई शुरू की। वह कई बार गले में ‘मैं जिंदा हूं’ लिखी तख्ती लेकर सरकारी दफ्तरों और अदालतों के चक्कर लगाते रहे हैं। इसी संघर्ष के बीच उन्होंने राजनीति का रास्ता भी चुना है और अब वह शिवपुर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

2017 में भी लड़ चुके हैं चुनाव

संतोष मूरत सिंह वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भी शिवपुर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतर चुके हैं। उस चुनाव में उन्हें करीब 700 वोट मिले थे।  वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने की इच्छा जताते हुए नामांकन की तैयारी की थी, हालांकि वह नामांकन दाखिल नहीं कर सके। अब 2027 के विधानसभा चुनाव में आजाद अधिकार सेवा ने उन्हें शिवपुर सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

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