दिल्ली पुलिस ने 2013 से सक्रिय कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पांच बैंक अधिकारियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एक इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है और साइबर फ्रॉड के मामलों में पांच बैंकर्स समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिए पैसे निकाले और एक चीनी नागरिक के संपर्क में थे। बदले में, उन्हें कथित तौर पर कैश मिला।
यह सिंडिकेट 2013 से एक्टिव
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह सिंडिकेट 2013 से एक्टिव था। जांच में यह भी पता चला है कि केरल के दो रीजनल बैंक भी कथित नेटवर्क में शामिल थे। पुलिस ने कहा कि आरोपी एक एडवांस्ड मॉड्यूल चला रहे थे, जिसमें क्राइम में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन को पुलिस द्वारा ट्रैक न किए जाने के लिए उनकी लोकेशन से कम से कम पांच किलोमीटर दूर रखा जाता था। मामले की आगे की जांच चल रही है।
पीड़ितों से 60 लाख रुपये से ज़्यादा की ठगी
इससे पहले, गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने देश भर में चल रही साइबर फ्रॉड स्कीम के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसमें फर्जी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी का इस्तेमाल करके पीड़ितों से 60 लाख रुपये से ज़्यादा की ठगी की गई थी। डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (क्राइम ब्रांच) बलवंत चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि मुख्य आरोपी दीपक खन्ना ने राहुल और नीरज भाटी के साथ मिलकर लोगों से सही इंश्योरेंस पॉलिसी जारी करने के नाम पर बड़ी रकम ऐंठने के लिए एक नकली कॉल सेंटर बनाने की साज़िश रची। गैंग ने नकली कॉल सेंटर बनाया और नकली ईमेल अकाउंट का इस्तेमाल करके एक जानी-मानी इंश्योरेंस कंपनी के नाम पर Google Ads पर ऑनलाइन विज्ञापन बनाए।
गाजियाबाद का रहने वाला दीपक कुमार अभी भी फरार
एक खास टिप-ऑफ़ पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने जाल बिछाया और सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने ऑपरेशन के दौरान कई मोबाइल फ़ोन, ATM और डेबिट कार्ड, चेकबुक, अलग-अलग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन की बैंक पासबुक और कैश बरामद किया। ऑपरेशन का मुख्य सरगना, गाजियाबाद का रहने वाला दीपक कुमार अभी भी फरार है। उसके ठिकाने का पता लगाने के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं, और अधिकारियों ने कहा कि उसके जल्द ही पकड़े जाने की उम्मीद है।
(इनपुटः ANI)
यह भी पढ़ेंः PM मोदी बोले: विकसित भारत के लिए ‘अमृत’ आदर्शों को फिर से जीवंत करना जरूरी