गौरेला में डॉयल-112 टीम ने सर्पदंश की शिकार युवती को समय पर जिला अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई। उपचार के बाद पीड़िता की हालत सामान्य है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (छत्तीसगढ़)। जिले की डॉयल-112 टीम ने एक बार फिर अपनी त्वरित एवं संवेदनशील कार्यवाही से सर्पदंश की शिकार युवती की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची
दरअसल डॉयल-112 गौरेला फालकन-1 को ग्राम धनौली से सर्पदंश की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डॉयल-112 टीम में तैनात आरक्षक क्रमांक 179 वीरेंद्र गर्ग एवं चालक लुपेंद्र कुमार तत्काल मौके के लिए रवाना हुए।
जमीन पर सो रही युवती को सांप ने काटा
टीम ग्राम धनौली पहुंची, जहां पता चला कि अनीता खुसरो (18 वर्ष), पिता नारायण सिंह, निवासी तेंदुआपारा, कोटा, जिला बिलासपुर, जो अपने रिश्तेदारों के यहां मेहमानी में आई हुई थीं, रात्रि में जमीन पर सोने के दौरान उन्हें जहरीले सर्प ने काट लिया था।
तत्काल अस्पताल पहुंचाने से मिला उपचार
डॉयल-112 टीम ने बिना समय गंवाए पीड़िता को उसके परिजनों के साथ ईआरवी वाहन में बैठाकर तत्काल जिला अस्पताल गौरेला पहुंचाया, जहां चिकित्सकों द्वारा तुरंत उपचार प्रारंभ किया गया। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से पीड़िता की स्थिति अब सामान्य एवं खतरे से बाहर है।
सर्पदंश होने पर तुरंत डॉयल-112 या स्वास्थ्य केंद्र से करें संपर्क
जिला जीपीएम पुलिस आमजन से अपील करती है कि वर्षा ऋतु में सर्पदंश की घटनाओं से बचाव के लिए सावधानी बरतें। यथासंभव जमीन पर सोने से बचें, चारपाई या बेड पर सोएं तथा मच्छरदानी का उपयोग करें। यदि किसी व्यक्ति को सर्पदंश हो जाए तो झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय न गंवाकर तत्काल डॉयल-112 अथवा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें, ताकि समय पर उपचार मिल सके और अनमोल जीवन की रक्षा की जा सके।
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