भोपाल। देश की पहली डिजिटल जनगणना का कार्य अब अपने अगले महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुँच गया है...
भोपाल। देश की पहली डिजिटल जनगणना का कार्य अब अपने अगले महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुँच गया है। 1 मई, 2026 से जनगणना का दूसरा चरण शुरू हो रहा है। यदि आपने अभी तक ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज नहीं की है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। शुक्रवार से करीब 1.7 लाख कर्मचारी (प्रगणक) घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।
घर पहुंचकर भरेंगे विवरण
जिन लोगों ने 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच 'सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल' (स्व-गणना पोर्टल) पर अपनी जानकारी नहीं भरी है, कर्मचारी सीधे उनके घर पहुँचकर विवरण दर्ज करेंगे। जनगणना विभाग के अनुसार, पहले चरण में करीब 7 लाख लोगों ने खुद ऑनलाइन जानकारी भरकर इस आधुनिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
प्रगणक घर में आपसे यह पूछेंगे
जब जनगणना कर्मचारी आपके घर आएंगे, तो वे मुख्य रूप से मकान सूचीकरण (House Listing) और आवास से जुड़े करीब 31 से 33 सवाल पूछेंगे। इनमें मकान का प्रकार और उसमें उपलब्ध सुविधाएं (बिजली, पानी, शौचालय आदि) के बारे में जानकारी लेंगे। परिवार के सदस्यों की कुल संख्या के बारे में भी पूछेंगे। घर में इस्तेमाल होने वाले मुख्य ईंधन और परिवहन के साधन के बारे में जानकारी लेंगे। संपत्ति और डिजिटल कनेक्टिविटी (स्मार्टफोन/इंटरनेट) की जानकारी लेंगे।
आपने ऑनलाइन फॉर्म भर दिया है तो...
अगर आपने पहले ही पोर्टल पर जानकारी भर दी है, तो आपको मिला हुआ 16-अंकों का 'SE ID' (Self-Enumeration ID) कर्मचारी को दिखाना होगा। वे आपके डेटा को बस सत्यापित (Verify) करेंगे, जिससे आपका और उनका समय बचेगा। इस बार जनगणना कागज की जगह मोबाइल ऐप और डिजिटल टूल्स के जरिए की जा रही है, ताकि डेटा सटीक और सुरक्षित रहे।
डेटा गोपनीय, सहयोग करें
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी डेटा गोपनीय रखा जाएगा। नागरिकों से अनुरोध है कि वे कर्मचारियों का सहयोग करें और सही जानकारी दें। यह प्रक्रिया आगामी परिसीमन और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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