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एम्स भोपाल की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा..

चिकित्सा जगत में शोक, एम्स भोपाल की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा का निधन

MP News : भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के इमरजेंसी एवं ट्रॉमा विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा का सोमवार को..

चिकित्सा जगत में शोक एम्स भोपाल की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ रश्मि वर्मा का निधन

चिकित्सा जगत में शोक, एम्स भोपाल की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा का निधन |

MP News : भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के इमरजेंसी एवं ट्रॉमा विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा का सोमवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। आत्महत्या के प्रयास के बाद वे पिछले 24 दिनों से जीवन रक्षक प्रणाली पर थीं और आईसीयू में उनका उपचार जारी था। जानकारी के अनुसार, 11 दिसंबर को डॉ. रश्मि वर्मा की तबीयत गंभीर होने पर उन्हें एम्स भोपाल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी, जिसके चलते उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया।

इस दौरान वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर निगरानी बनाए हुए थी और हरसंभव चिकित्सकीय प्रयास किए गए, लेकिन आखिरकार जीवन की जंग में वे हार गईं। डॉ. रश्मि वर्मा के निधन की खबर फैलते ही एम्स परिसर में शोक का माहौल बन गया। सहकर्मी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल छात्रों ने उन्हें एक मेहनती, कर्तव्यनिष्ठ और संवेदनशील चिकित्सक के रूप में याद किया। उनके अचानक चले जाने से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरा चिकित्सा समुदाय स्तब्ध है।

बताया जा रहा है कि हाल के समय में एम्स के टॉक्सिक वर्क कल्चर और कार्यस्थल पर मानसिक दबाव को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य, कार्यभार और सहयोगी वातावरण जैसे मुद्दों पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चिकित्सा पेशे में काम करने वालों के लिए भावनात्मक और मानसिक सहयोग की मजबूत व्यवस्था बेहद जरूरी है।

फिलहाल, अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले से जुड़ी सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। डॉ. रश्मि वर्मा का निधन एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत लोगों की मानसिक स्थिति पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए, जितना उनके पेशेवर कौशल पर दिया जाता है।

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