चुनाव आयोग ने बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर सख्त रुख अपनाते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू की, अब तक 4 मौतें और कई लोग घायल हुए हैं।
कोलकाता। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर राज्य के प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारियों व केंद्रीय पुलिस बल के अधिकारियों को कहा है कि “हिंसा को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने” की नीति अपनाने का निर्देश दिया है। अभी तक हिंसा की घटनाओं में चार व्यक्तियों की मौत हो गई है और काफी संख्या में लोग घायल हैं।
शीर्ष अधिकारियों को सख्त निर्देश
सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला, डीजीपी सिद्धनाथ गुप्त और केंद्रीय पुलिस बलों के निदेशक को निर्देश दिया कि हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए। चुनाव के बाद हिंसा की घटनाओं को नहीं होने देने के लिए ही चुनाव के पहले तैनात किए गए केंद्रीय पुलिस बलों को दो महीने तक रखने का फैसला किया गया है।
कोलकाता-हावड़ा समेत कई जिलों में तनाव
मिली जानकारी के मुताबिक कोलकाता और हावड़ा समेत विभिन्न जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं-समर्थकों की ओर से बदले की भावना के तहत टीएमसी के कार्यकर्ताओं-समर्थकों के प्रति आक्रामक रुख अख्तियार किया गया है। मारपीट करने के अलावा टीएमसी और उसके समर्थक संस्थाओं, यूनियनों और क्लबों के कार्यालयों में तोड़फोड़, आगजनी का सिलसिला थम नहीं रहा है।
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