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लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो इनामी शूटर ढेर

Encounter in Bahadurgarh: बहादुरगढ़ में पुलिस एनकाउंटर में लॉरेंस बिश्नोई-हैरी बॉक्सर गैंग के दो शूटर ढेर

हरियाणा के बहादुरगढ़ में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई-हरिराम (हैरी) बॉक्सर गैंग के दो वांटेड शूटरों को मार गिराया

encounter in bahadurgarh बहादुरगढ़ में पुलिस एनकाउंटर में लॉरेंस बिश्नोई-हैरी बॉक्सर गैंग के दो शूटर ढेर

Accussed Hakikat and Sagar |

बहादुरगढ़ (हरियाणा)। हरियाणा के बहादुरगढ़ में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई-हरिराम (हैरी) बॉक्सर गैंग के दो वांटेड शूटरों को मार गिराया है। शनिवार को बालौर के पास हुई इस मुठभेड़ में मारे गए अपराधियों की पहचान प्रवेश और हिमांशु के रूप में हुई है, जो हिसार के रहने वाले थे। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस गोलीबारी के दौरान दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के कांस्टेबल अंकित के पैर में भी गोली लगी है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

एनकाउंटर की पूरी कहानी: जब सरेंडर की जगह शूटरों ने खोल दिया फायर

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार को बहादुरगढ़ के बालौर इलाके के पास नाकाबंदी की थी। जैसे ही पुलिस टीम ने वांटेड अपराधी प्रवेश और हिमांशु को घेरकर उन्हें आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने के लिए कहा, बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

जवाब में पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से हुई इस मुठभेड़ में दोनों संदिग्ध शूटर पुलिस की गोलियों का शिकार हो गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

25 जून की मुठभेड़ से मिला था सुराग

बहादुरगढ़ का यह एनकाउंटर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा है। इससे पहले, गत 25 जून को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पश्चिम विहार के पास जाल बिछाकर इसी सिंडिकेट के दो अन्य सदस्यों- हकीकत उर्फ साहिल और सागर को गिरफ्तार किया था। ये दोनों भी 11 जून को पश्चिम विहार में एक नामी सिंगर के जिम '24 HS फिटनेस' के बाहर हुई अंधाधुंध फायरिंग की वारदात में शामिल थे।

25 जून को हुई उस मुठभेड़ के दौरान हकीकत की कोहनी और सागर के घुटने में गोली लगी थी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस रिमांड पर लिया गया था। पुलिस पूछताछ में हकीकत और सागर से मिले इनपुट के आधार पर ही पुलिस को हांसी के जिम ट्रेनर हत्याकांड में शामिल इस दूसरे मॉड्यूल (प्रवेश और हिमांशु) का पुख्ता सुराग हाथ लगा था।

मकोका (MCOCA) के तहत केस दर्ज

पुलिस ने बताया कि हकीकत और सागर से मिले सुरागों के बाद मानवीय, सिग्नल और तकनीकी खुफिया जानकारी का वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया। लगातार पीछा करने और टोह लेने के बाद अंततः प्रवेश और हिमांशु की लोकेशन ट्रेस हुई, जो पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मारे गए। इस पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने और लंबे समय तक कड़ा सबक सिखाने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ जुड़े इस सिंडिकेट के खिलाफ स्पेशल सेल थाने में कड़े कानून 'महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट' (MCOCA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसका उद्देश्य गैंग के वित्तीय और लॉजिस्टिक नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ना है।

विदेश में बैठे आकाओं पर भी कस रहा शिकंजा

फील्ड ऑपरेशंस के साथ-साथ पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस सिंडिकेट को चला रहे फरार अपराधियों, जैसे कि हरिराम जाट, अनिल पंडित और अन्य को कानून के शिकंजे में लाना है। मकोका (MCOCA) के तहत दर्ज मामले की जांच का मुख्य फोकस सिंडिकेट के वित्तीय और रसद तंत्र को ध्वस्त करने पर रहेगा। इसके अलावा, विदेश या सुरक्षित ठिकानों में छिपे इन भगोड़ों को जल्द से जल्द प्रत्यर्पण (Extradition) या निर्वासन (Deportation) के जरिए भारत वापस लाकर कानूनी न्याय के कटघरे में खड़ा करने के लिए सभी कानूनी रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
(यह खबर ANI से सीधे संपादित की गई है।)

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