डोंगरगढ़,(छत्तीसगढ़)। मानसून की दस्तक के साथ जिले में बीते 12 घंटे से लगातार बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश से जहां किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है और खेती-किसानी की तैयारियों को गति मिली है। वहीं डोंगरगढ़ शहर में मानसून की पहली ही बारिश ने नगरीय निकाय के दावों की हकीकत सामने ला दी है।
बस्तियों में जलभराव की स्थिति
लगातार बारिश के कारण शहर की कई अंदरूनी बस्तियों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। समय पर नालियों की सफाई नहीं होने से नालियों का कचरा बहकर लोगों के घरों के सामने पहुंचने लगा है, जिससे रहवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है, कि हर साल बारिश से पहले नालियों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
सबसे अधिक परेशानी वार्ड क्रमांक 3 टिकरापारा में
सबसे अधिक परेशानी वार्ड क्रमांक 3 टिकरापारा में देखने को मिल रही है। यहां पक्की सड़क और समुचित नाली व्यवस्था के अभाव में हर वर्ष की तरह इस बार भी जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़क पूरी तरह पानी में डूब जाने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। कई परिवारों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है।
डोंगरगढ़–सुकुलदैहान मार्ग पर एक पेड़ सड़क पर गिर गया
इधर, लगातार बारिश के चलते डोंगरगढ़–सुकुलदैहान मार्ग पर ग्राम धूसेरा के पास एक पेड़ सड़क पर गिर गया है। पेड़ सड़क पर गिरने से आवागमन प्रभावित होने के साथ ही दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द पेड़ हटाकर मार्ग को सुरक्षित बनाने की मांग की है।
किसानों के लिए राहत
बारिश ने एक ओर किसानों के लिए राहत लेकर आई है, तो दूसरी ओर शहर की मूलभूत व्यवस्थाओं की खामियों को भी उजागर कर दिया है। अब लोगों की नजर प्रशासन और नगर पालिका की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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