इटावा में वायरल डिजिटल लेनदेन चैट मामले में SSP ने सहसों थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच SP सिटी बबिता सिंह को सौंपी गई है।
इटावा (उत्तर प्रदेश)। सहसों थाना प्रभारी वीरेंद्र विक्रम सिंह की कथित डिजिटल लेनदेन से जुड़ी वायरल चैट के मामले में SSP इटावा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की जांच SP सिटी बबिता सिंह को सौंपी गई है।
वायरल चैट में ऑनलाइन भुगतान के तथ्य सामने आने पर हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी की वायरल चैट में ऑनलाइन भुगतान और कथित लेनदेन से जुड़े कुछ तथ्य सामने आए थे। मामला पुलिस के अधिकारियों तक पहुंचते ही तत्काल संज्ञान लिया गया और निलंबन की कार्रवाई की गई।
QR कोड और कथित डिजिटल भुगतान की जांच पर उठे सवाल
अब जांच का सबसे अहम पहलू यह होगा कि वायरल चैट में सामने आए QR कोड और राबिता सिंह नाम से जुड़े कथित डिजिटल भुगतान का वास्तविक संबंध क्या है? क्या किसी स्थानीय दुकानदार अथवा अन्य व्यक्ति के खाते का इस्तेमाल किया जा रहा था? क्या ट्रांसपोर्टरों और खनन कारोबार से जुड़े लोगों से नकद अथवा ऑनलाइन धनराशि ली जाती थी? इन सभी सवालों की जांच जरूरी है।
ओवरलोडेड मौरम ट्रकों को कथित संरक्षण देने के आरोपों की भी होगी पड़ताल
इसके साथ ही सहसों क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा में रहे मौरम के ओवरलोडेड ट्रकों के आवागमन और कथित संरक्षण के आरोपों की भी पड़ताल होनी चाहिए। आखिर थाने के सामने से ओवरलोडेड ट्रक कैसे गुजरते रहे? क्या कथित लेनदेन और ओवरलोडिंग के बीच कोई संबंध था? फिलहाल निलंबन के बाद पूरे मामले की जांच SP सिटी बबिता सिंह करेंगी। अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि वायरल चैट के पीछे की सच्चाई और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आते हैं या नहीं।
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