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अपनों ने छोड़ा, संगठन ने दिया सहारा

परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार, राष्ट्रीय हिंदू सेना ने निभाया इंसानियत का फर्ज

बैतूल में रामदयाल यादव की मौत के बाद परिजनों ने शव लेने और अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया, जिसके बाद राष्ट्रीय हिंदू सेना ने जिम्मेदारी उठाई।

परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार राष्ट्रीय हिंदू सेना ने निभाया इंसानियत का फर्ज

Family Refuses Last Rites, Hindu Sena Members Perform Final Cremation |

बैतूल(मध्य प्रदेश)। से समाज में प्रेरणादायक एक घटना सामने आई। जिंदगी में अपनों का साथ छूटा तो रामदयाल ने मजदूरी कर किसी तरह जीवन गुजारा,लेकिन मौत के बाद भी उसका अकेलापन खत्म नहीं हुआ। मौत के बाद परिजनों ने शव लेने और अंतिम संस्कार तक से इनकार कर दिया।जब अपनों ने मुंह मोड़ा तो बैतूल के राष्ट्रीय हिंदू सेना के सदस्य उसके सहारा बने और अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई। गंज मोक्षधाम में प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने मुखाग्नि देकर रामदयाल को अंतिम विदाई दी।

अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत

वृंदावन कॉलोनी चिखलार में करीब दो माह से राजमिस्त्री का काम कर रहे रामदयाल यादव की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। मौत की सूचना पर पुलिस की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया,लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।पुलिस और राष्ट्रीय हिंदू सेना के सदस्यों ने उसके परिजनों से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने शव लेने, बैतूल आने और गांव ले जाकर अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद राष्ट्रीय हिंदू सेना ने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई और गंज मोक्षधाम में अंतिम संस्कार कराया। प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने मुखाग्नि दी।

जबलपुर में 10 साल की सजा काट चुका था रामदयाल

प्राप्त जानकारी अनुसार रामदयाल पूर्व में धारा 302 के मामले में जबलपुर में करीब 10 वर्ष की सजा काट चुका था। उसके माता-पिता और पत्नी की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी, जबकि उसके दो भाई वृद्ध बताए गए हैं।

पुलिस के साथ गांव पहुंची टीम, परिजनों ने किया इनकार

मृतक के परिजनों की तलाश और अंतिम संस्कार के लिए संजय देशमुख बैतूल कोतवाली पुलिस की सूचना एवं सहायता से उमरेठ थाना पुलिस के साथ रात्रि में गांव दबक पहुंचे। पुलिस और गांव के कोटवार के साथ परिजनों से मुलाकात कर उन्हें रामदयाल की मौत की पूरी जानकारी दी गई। इसके बावजूद परिजनों ने बैतूल आने, शव गांव ले जाने और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।

परिजनों के इनकार के बाद संगठन ने उठाया जिम्मा

परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार से इनकार किए जाने के बाद राष्ट्रीय हिंदू सेना ने रामदयाल का अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया। पुलिस की मौजूदगी में आवश्यक पंचनामा कार्रवाई के बाद जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कर शरीर वापस सौंप दिया। 

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