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फसल बीमा पर किसानों का फूटा गुस्सा

फसल बीमा पर भड़के किसान, बोले- क्लेम नहीं, हमारे साथ हुआ मजाक

मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की दलौदा तहसील में फसल बीमा की कम राशि मिलने से किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

फसल बीमा पर भड़के किसान बोले- क्लेम नहीं हमारे साथ हुआ मजाक

Farmers Upset Over Insurance Payouts |

मंदसौर: मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की दलौदा तहसील में फसल बीमा की कम राशि मिलने से किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली। बड़ी संख्या में किसान तहसील कार्यालय पहुंचे, प्रदर्शन किया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर फसल बीमा क्लेम की निष्पक्ष जांच की मांग की।

प्रीमियम से भी कम मिला बीमा क्लेम

किसानों का आरोप है कि वर्ष 2025 की फसल बीमा राशि के नाम पर उनके साथ अन्याय हुआ है। उनका कहना है कि कई किसानों को क्लेम के रूप में उतनी राशि भी नहीं मिली, जितना उन्होंने बीमा प्रीमियम जमा किया था। प्रदर्शन कर रहे किसानों के मुताबिक, कई लोगों के खातों में केवल 50 से 200 रुपये प्रति बीघा तक की बीमा राशि आई है। वहीं, कई किसान अब भी अपने बीमा क्लेम का इंतजार कर रहे हैं।

'ऊंट के मुंह में जीरा' जैसी राहत

किसानों का कहना है कि फसल खराब होने के बाद सर्वे भी हुआ और समय पर बीमा प्रीमियम भी जमा कराया गया, लेकिन क्लेम के नाम पर मिली राशि बेहद कम है। उनका कहना है कि बीज, खाद, दवाई और मजदूरी पर हजारों रुपये खर्च होते हैं, ऐसे में इतनी कम बीमा राशि से नुकसान की भरपाई संभव नहीं है।

निष्पक्ष जांच और दोबारा समीक्षा की मांग

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि वर्ष 2025 के फसल बीमा क्लेम की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जिन किसानों को कम राशि मिली है, उनके मामलों की दोबारा समीक्षा कर वास्तविक नुकसान के आधार पर उचित बीमा राशि दिलाई जाए।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

किसानों के प्रदर्शन के बाद अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। किसान उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी शिकायतों की गंभीरता से जांच होगी और पात्र किसानों को उचित मुआवजा मिलेगा।

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