पूर्वी चंपारण में किसानों को बागवानी से जोड़ने के लिए नींबू और अमरूद की खेती पर अनुदान दिया जाएगा।
मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले में किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें पारंपरिक खेती के साथ बागवानी की ओर आकर्षित करने के लिए सरकार ने एक बड़ी पहल की है। उद्यान विभाग की ओर से नींबू और अमरूद की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना शुरू की गई है, जिसके तहत फलदार पौधे लगाने पर किसानों को भारी अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
नींबू-अमरूद की खेती पर मिलेगा अनुदान
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में नींबू और अमरूद की खेती के लिए 25-25 एकड़ का लक्ष्य तय किया गया है। योजना के तहत एक ही पंचायत में कम से कम 25 एकड़ का क्लस्टर बनाकर सामूहिक रूप से खेती कराई जाएगी। प्रत्येक क्लस्टर के लिए सरकार की ओर से एक लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा, जो प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। अनुदान की राशि किसानों को दो वर्षों में प्रदान की जाएगी। पहले साल में कुल अनुदान का 65 प्रतिशत और दूसरे साल पौधों के रख-रखाव को देखते हुए 35 प्रतिशत राशि दी जाएगी। इसके अलावा पौधों की सिंचाई, सुरक्षा, कीट प्रबंधन और देख-रेख के लिए पौध संरक्षण विभाग द्वारा आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना में महिला किसानों को 30% आरक्षण
योजना में समाज के सभी वर्गों और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 78.5%, अनुसूचित जाति के लिए 20% और अनुसूचित जनजाति के लिए 1.5% का प्रावधान रखा गया है। साथ ही 30 प्रतिशत आरक्षण महिला किसानों के लिए निर्धारित करते हुए उन्हें विशेष प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। सहायक उद्यान पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि किसान चालू रबी सीजन में नींबू और अमरूद के पौधे लगाकर बागवानी की शुरुआत कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते ऑनलाइन आवेदन कर इस लाभकारी योजना का पूरा फायदा उठाएं।
ये भी पढ़ें- चुनार तहसील में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग