दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में प्रदर्शन करने पर हरीश रावत समेत 31 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
देहरादून: अंकिता भंडारी मामले में दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन के सिलसिले में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और 30 अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष गणेश गोदियाल, हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 132 और 223 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। यह घटनाक्रम गुरुवार को देहरादून में लोक भवन के मुख्य द्वार के बाहर कांग्रेस नेताओं द्वारा पूर्व भाजपा उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में किए गए व्यापक प्रदर्शन के बाद सामने आया है।
कुमारी शैलजा ने राज्यपाल नियुक्ति पर उठाए सवाल
इस बीच कांग्रेस सांसद और उत्तराखंड की एआईसीसी प्रभारी कुमारी सेल्जा ने अंकिता भंडारी मामले में नाम सामने आने वाले नेता को राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह कदम लोकतंत्र और न्याय की पूर्ण अवहेलना दर्शाता है। सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए कुमारी शैलजा ने कहा, कांग्रेस ही वह पहली पार्टी थी जिसने अंकिता भंडारी का मामला उठाया था, हमारे नेताओं ने इसे सामने लाया था। उनका परिवार तब से न्याय की गुहार लगा रहा है। कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी रही है। उत्तराखंड में अंकिता भंडारी का मामला सामने आया, जिसने पूरे राज्य को झकझोर दिया और सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया कि ऐसा कैसे हो सकता है। फिर जो नाम सामने आए और जो अभी भी सामने आ रहे हैं- सीबीआई की जांच भी चल रही है और कुछ बातें सार्वजनिक हुई हैं, जिनमें कुछ नाम शामिल हैं। आज भाजपा सरकार बस उन्हीं नामों में से एक को चुनकर राज्यपाल बना देती है।
जनता का सरकार पर भरोसा नहीं: कुमारी शैलजा
कांग्रेस नेता ने जनता की नजरों में रहने वाले व्यक्तियों को संवैधानिक भूमिकाएं सौंपने के पीछे के इरादे पर भी सवाल उठाया और जोर देकर कहा कि लोगों को भाजपा के शासन पर भरोसा नहीं है। शैलजा ने आगे कहा, "तो आप देख सकते हैं कि लोगों को अब लोकतंत्र या न्याय पर भरोसा नहीं रहा और निश्चित रूप से उन्हें इस सरकार पर कोई भरोसा नहीं है और होना भी नहीं चाहिए। आपको ऐसा करने की क्या जरूरत महसूस हुई कि जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं उन्हें चुनकर राज्यपाल बना दिया जाए? पीड़िता के परिवार के प्रति पार्टी के अटूट समर्थन को दोहराते हुए कुमारी शैलजा ने कहा, कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को पहले भी उठाया है। उन्होंने इसे मजबूती से उठाया है।
राहुल गांधी ने राज्यपाल की नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग की
कल राहुल, प्रियंका और हमारे कुछ अन्य नेता अपने परिवारों के साथ वहां गए थे ताकि उनके साथ एकजुटता दिखा सकें, लेकिन उन्हें न्याय दिलाने के बजाय, सरकार ने उन्हें वहां से हटाना ही बेहतर समझा। अंकिता की हत्या 18 सितंबर, 2022 को हुई थी और उनका शव 24 सितंबर 2022 को चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। इस घटना के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से आग्रह किया कि वे 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच पूरी होने तक सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार करें।
(इनपुट: ANI)
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