इटावा के बकेवर में खेत पर मजदूरी से इनकार करने पर दलित युवक से मारपीट और प्रताड़ना। अदालत के आदेश पर एसएचओ समेत आरोपियों पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, जांच शुरू।
इटावा (उत्तर प्रदेश)। बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम करवा बुजुर्ग में खेत पर मजदूरी करने से इनकार करने पर एक दलित युवक के साथ मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि गांव के दबंगों ने थाना बकेवर पुलिस से मिलीभगत कर उसे और उसके परिजनों को प्रताड़ित कराया। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट के आदेश पर थाना बकेवर में थाना प्रभारी विपिन मलिक समेत नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच क्षेत्राधिकारी भरथना को सौंपी गई है।
मजदूरी से इनकार करने पर हुआ विवाद
पीड़ित अजय कुमार पुत्र मुन्नीलाल, निवासी गोपियांपुरा, करवा बुजुर्ग ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह अनुसूचित जाति का है और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। उसके अनुसार वह अक्टूबर 2025 से रामसरोवर के खेतों में काम कर रहा था। 11 जनवरी 2026 को आशुतोष पांडेय और चंद्रमोहन पांडेय ने अपने यहां मजदूरी करने का दबाव बनाया। मना करने पर जातिसूचक गालियां दीं, मारपीट की और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
थाने में पुलिस ने की थी मारपीट और अभद्रता
आरोप है कि 25 फरवरी 2026 को आशुतोष पांडेय ने थाना प्रभारी से मिलकर पुलिस को उसके घर भेजा। पुलिस उसे और उसके भाई अनूप कुमार को थाने ले गई, जहां थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। पीड़ित की पत्नी रामजानकी ने विरोध किया तो उसके साथ भी अभद्रता और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं। पीड़ित का कहना है कि उसे गंभीर चोटें आईं, लेकिन पुलिस ने मेडिकल नहीं कराया। बाद में उसने जिला अस्पताल पहुंचकर स्वयं चिकित्सकीय परीक्षण कराया, जिसमें चोटों की पुष्टि हुई।
न्याय की गुहार और आगे की जांच
पीड़ित का आरोप है कि ऑनलाइन शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली। अदालत के आदेश पर थाना बकेवर में संबंधित धाराओं एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना सीओ भरथना को सौंप दी गई है। पुलिस का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
(Published By: Ravi Pandey)
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