स्वास्थ्य विभाग और Gavi ने सीतापुर में ‘जीरो डोज’ कार्यक्रम के तहत कार्यशाला आयोजित की। लक्ष्य है टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कर उन्हें जोड़ना।
सीतापुर {उत्तर प्रदेश}: जिले में नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग और गावी (Gavi) के संयुक्त तत्वावधान में ‘जीरो डोज’ कार्यक्रम के दूसरे चरण के तहत एक दिवसीय संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के साथ विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सीएमओ ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी Dr. Sukharanjan Samaddar ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि नियमित टीकाकरण बच्चों को कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
छूटे बच्चों को टीकाकरण से जोड़ने पर जोर
सीएमओ ने बताया कि ‘जीरो डोज’ कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान करना है, जिन्हें अब तक किसी कारणवश नियमित टीकाकरण का लाभ नहीं मिल पाया है। इसके लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
अभिभावकों को किया जाएगा जागरूक
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि बच्चों के अभिभावकों को टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि वे समय पर बच्चों को आवश्यक टीके लगवा सकें और किसी भी प्रकार की भ्रांतियों से दूर रहें।
ट्रैकिंग और निगरानी होगी मजबूत
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी Dr. Imran ने बताया कि दूसरे चरण में जीरो डोज बच्चों की पहचान, ट्रैकिंग और उन्हें नियमित टीकाकरण सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
वैक्सीन को लेकर संकोच दूर करने की पहल
कार्यक्रम के तहत उन परिवारों तक भी पहुंच बनाई जाएगी जो वैक्सीन को लेकर संकोच या हिचकिचाहट महसूस करते हैं। संचार और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
रणनीतियों और चुनौतियों पर हुई चर्चा
कार्यशाला में प्रतिभागियों को जीरो डोज कार्यक्रम की रणनीतियों, समुदाय आधारित हस्तक्षेपों और टीकाकरण कवरेज बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सभी के सहयोग से बढ़ेगा टीकाकरण कवरेज
स्वास्थ्य विभाग ने उम्मीद जताई कि विभिन्न विभागों और सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से जिले में टीकाकरण कवरेज में सुधार होगा और कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहेगा।
यह भी पढ़े: 45 किलोमीटर का सफर तय कर गांव पहुंचे कलेक्टर-SP, रात की चौपाल में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं