MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सा घने कोहरे की चपेट में है। ग्लालियर-चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर-शहडोल संभाग के करीब 20 जिले में इसका असर है। कई जगह दृश्यता 50 मीटर से भी कम है। मौसम की प्रतिकूल स्थिति के मद्देनजर मौसम विभाग ने कहा कि शनिवार को भी ऐसा मौसम रहेगा, इसलिए भोपाल–इंदौर की ट्रेन पर असर पड़ सकता है औऱ लेट होने की संभावना है।
घना कोहरा का असर शताब्दी, मालवा, क्षेलम, कर्नाटक, सचखंड, छत्तीसगढ़, कोल्हापुर-मंगला लक्षद्वीप एक्स. पंजाब मेल ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 8 घंटे तक लेट है। इस बीच, इंदौर औऱ भोपाल से दिल्ली, मुबई, गोवा, बेंगलुरू की वायु सेवा पर असड़ पड़ा है। इधर, मौसम वैज्ञानिर अरुण शर्मा के अनुसार, देर रात और सुबह में कोहरे का असर अधिक रहता है।
मौसम विभाग ने यात्रा संबंधी एडवाइजरी जारी की है कहा, सुरक्षित वाहन चलाएं। दृश्यता कम होने के कारण अनावश्यक यात्रा को टालें। साथ ही कार के फॉम लैंप औऱ बीम हेडलाइट का प्रयोग करें और वाहन धीरे चलाएं।
तेज ठंड में शरीर को गर्म रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की अंगुलियों को ढकें।
फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम का तुरंत इलाज करें, डॉक्टर से दिखाएं। इसके साथ विटामिन सी से भरपूर फल औऱ सब्जी खाएं। कोहरे में मौजूद कण औऱ प्रदूषक तत्वों के कारण फेफड़े की कार्यक्षमता कम हो सकती है। साथ ही खांसी की समस्या बढ़ सकती है। सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है, इसलिए नियमित व्यायाम और मास्क का प्रयोग लाभदायक हो सकता है। शीतलहर से बचने के लिए गर्म कपड़े जरूर पहनें।
कोहरे यदि लंबे समय तक रहता है तो फसल पर भी प्रभाव पड़ने लगता है। फसल में अत्य़धिक नमी और संभावित रोगों से बचाव जरूरी होता है। पशुओं को वेटिलेटर में रखें। साथ ही टमाटर, मिर्च, फूलगोभी, सरसों पर अधिक ध्यान रखने की जरूरत होती है। इस बीच, मौसम विभाग ने कोहरे का अलर्ट भी जारी किया है। कहा, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सिंगरौली, मऊगंज, सीधी, में घने कोहरा का औरेंज अलर्ट और जबलपुर, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया-शहडोल में कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया गया है। घना कोहरा वाले स्थान पर मौसम करीब 10 बजे तक साफ होने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश के कई शहरों में पारा काफी नीचे ल़ुढ़का। भोपाल में 6.4 डिसे, इंदौर में 4.1 डिंसे., ग्वालियर में 11.4 डिसे, उज्जैन में 7.2 डिसे, औऱ जबलपुर में 8.6 डिसे रहा। शिवपुरी सबसे अधिक ठंढ़ा रहा, जहां तापमान 4 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश में रात के साथ दिन भी ठंढ़े हैं। शनिवार को कई शहरों में तापमान 25 डिग्री से कम रहा। सबसे ठंढ़ा बालाघाट का मलाजखंड रहा जहां तापमान 20.7 डिसे रहा। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। इसके वापस होने पर मप्र में असर दिखेगा। सर्द हवा के कारण ठंड और बढ़ सकता है।
यह जमीन से 12.6 कमी की ऊंचाई पर 185 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। इसका असर मप्र में है। मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि ढंड की मुख्य वजह जेट स्ट्रीम है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार इसकी रफ्तार 222 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है।
पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ऊंची हवा से सर्दी का असर तेज हो रहा है। उत्तर से मैदानी इलाकों से ढंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा आती है तो तेज ढंड पड़ती है। यह वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। इस स्थिति में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है।
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