MP News : भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है। प्रदेश सरकार ने चौथा क्रमोन्नति वेतनमान देने का निर्णय लिया है।
MP News : भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है। प्रदेश सरकार ने चौथा क्रमोन्नति वेतनमान देने का निर्णय लिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया, जिससे राज्य के करीब 1.22 लाख शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा। इस निर्णय के तहत शिक्षकों के वेतन में 3 हजार से 6 हजार रुपये तक की वृद्धि होगी, वहीं उन्हें 1.80 लाख रुपये तक का एरियर भी मिलेगा।
इन्हें चौथा क्रमोन्नति वेतनमान
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षक (एलडीटी) तथा उच्च श्रेणी शिक्षक (यूडीटी) को यह चौथा क्रमोन्नति वेतनमान दिया जाएगा। लंबे समय से शिक्षक संगठन इस मांग को उठा रहे थे, जिसे अब सरकार ने मंजूरी दे दी है।
मकर संक्रांति का तोहफा
सरकार के इस कदम से न केवल शिक्षकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनके मनोबल में भी बढ़ोतरी होगी। खास बात यह है कि यह निर्णय मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले लिया गया, जिसे शिक्षकों के लिए तोहफे के रूप में देखा जा रहा है।
संतुष्ट व प्रेरित होना जरूरी
राज्य सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शिक्षकों का संतुष्ट और प्रेरित होना जरूरी है। चौथा क्रमोन्नति वेतनमान इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।इस फैसले के बाद शिक्षक वर्ग में खुशी की लहर है और इसे सरकार का सकारात्मक व ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है।
1 जुलाई, 2023 से लागू होगा
नया वेतनमाम 1 जुलाई, 2023 से प्रभावी होगा। वैसे शिक्षक जिनकी सेवा 35 साल जुलाई 2023 से पहले पूरी हो चुकी है, उस तारीख से अब तक का पूरा एरियर मिलेगा। यह राशि 1.20 लाख से 1.80 लाख तक हो सकती है। जिनकी 35 साल की सेवा 2023 से 2026 के बीच सेवा पूरी हो रही ह, उन्हें सेवा पूरी होने की तिथि से एरियर मिलेगा।
कैबिनेट की अन्य नीति
प्रदेश सरकार ने स्पेश टेक नीति 2026 को भी मंजूरी दी है। केरल औऱ ओडिसा के बाद मध्य प्रदेश तीसरा तीसरा राज्य है जहां यह नीति बनी है। इससे उपग्रह निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, कृषि, आपदा प्रबंधन और शहरी नियोजन में तकनीक का प्रयोग बढ़ेगा। अगले पांच साल में 1000 करोड़ निवेश और 8 हजार रोजगार सृजन की उन्मीद है। कैबिनेट ने सोलर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए 800 मेगावाट की तीन परियोजना मंजूर की है।
इसमें 300 मेगावाट ( 4 घंटे स्टोरेज), 300 मेगावाट (6 घंटे स्टोरेज) और 200 मेगावाट (24 घंटे सोलर सह स्टोरेज) शामिल हैं। मोहन सरकार की यह पहली हाईटेक कैबिनेट बैठक थी। इसमें मुख्यमंत्री औऱ सभी मंत्री फाइल की जगह टेबलेट लेकर बैठक में शामिल हुए। बैठक में इंदौर जामा मस्जिद भूमि आवंटन पर भी विचार किया गया। पर अंतिम फैसले की जानकारी नहीं दी गई।
इसके साथ शहरी अधोसंरचना के लिए 5000 करोड़ रुपये मंजूर किये गये।
इसमें सड़क, पेयजल, सीवरेज, यातायात सुधार, ड्रेनेज और एसटीपी के लिए 5000 करोड़ मंजूर किये गये। इसके अलावा 16 विभागों की 91 योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को घर-घर जाकर जोड़ा जाएगा। यह अभियान चार चरण में 31 मार्च तक चलेगा। बैठक में 200 नए सांदीपनि विद्यालय (2660 करोड़ रु) को मंजूरी दी गई। 2026 के व्यपार मेले में आटोमोबाईल पर 50 फीसदी परिवहन टैक्स छूट दी गई। एसएएफ जवान के परिजनों को 90 लाख अनुग्रह राशि स्वीकृत की गई।
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