इंदौर। इंदौर हाईकोर्ट में धार स्थित भोजशाला के विवादित परिसर को लेकर सोमवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं...
इंदौर। इंदौर हाईकोर्ट में धार स्थित भोजशाला के विवादित परिसर को लेकर सोमवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सर्वे रिपोर्ट पर दो सप्ताह के भीतर आपत्तियां, सुझाव व सिफारिशें प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।
कई कालखंड के साक्ष्य मिले
एएसआई की सर्वे रिपोर्ट में परिसर से जुड़े विभिन्न कालखंडों के साक्ष्य सामने आए हैं। इनमें 12वीं सदी के संस्कृत शिलालेखों से लेकर 20वीं सदी के फारसी लेख तक के प्रमाण शामिल बताए गए हैं। रिपोर्ट में संरचना, स्थापत्य शैली और अभिलेखों का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
दस्तावेज बनाया गया
सूत्रों के अनुसार, सर्वे के दौरान दीवारों, स्तंभों और अन्य हिस्सों पर मिले अभिलेखों का दस्तावेजीकरण किया गया। साथ ही पुरातात्विक अवशेषों की फोटोग्राफी और वैज्ञानिक परीक्षण भी किए गए हैं।
तय समय में दें आपत्तियां
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी पक्ष निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी लिखित आपत्तियां दाखिल करें। इसके बाद मामले में अंतिम सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इसलिए यह अहम
भोजशाला परिसर को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। एएसआई की रिपोर्ट को इस मामले में अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे ऐतिहासिक और पुरातात्विक तथ्यों पर न्यायालय को निर्णय लेने में सहायता मिलेगी
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