गांधी-शास्त्री जयंती पर वाराणसी में गंगा तट पर गंगा आरती और स्वच्छता अभियान हुआ। कार्यक्रम में शांति, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
वाराणसी (उत्तर प्रदेश) [भारत]: वैश्विक शांति का संदेश देते हुए, महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए गुरुवार को वाराणसी में गंगा तट पर गंगा आरती और स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया।
गांधी और शास्त्री को दी श्रद्धांजलि
इस कार्यक्रम में गांधी जी को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने विश्व को अहिंसा का मार्ग दिखाया, और शास्त्री जी को, जिन्होंने देश को "जय जवान, जय किसान" का नारा दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत, गंगा के अग्रभाग घाट की सफाई की गई, और 'नमामि गंगा' के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता ही महात्मा गांधी को दी जाने वाली सबसे सुंदर श्रद्धांजलि है। स्वच्छता अभियान का संचालन 'नमामि गंगा' काशी क्षेत्र के समन्वयक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के समन्वय से किया गया। इस पहल का उद्देश्य स्वच्छता अभियान में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था।
युवाओं की भागीदारी पर दिया जोर
युवाओं के नेतृत्व वाली स्वच्छता पहलों पर भी जोर दिया गया और देश को "स्वच्छता के माध्यम से सेवा" का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान, तिरंगे के साथ गंगा माता की आरती की गई और प्रतिभागियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र धारण किए हुए थे। इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के संतुलन का सम्मान करने और जैव विविधता की रक्षा पर भी जोर दिया गया।
स्वच्छता को बताया गांधीजी को सबसे सुंदर श्रद्धांजलि
जनता से अपील करते हुए गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि गांधी जी ने जीवन के कई मार्गदर्शक सिद्धांत दिए थे, जिनमें स्वच्छता भी शामिल है और स्वच्छता ही उन्हें सबसे सुंदर श्रद्धांजलि है। शुक्ला ने कहा, “आदरणीय बापू ने हमें जीवन के कई मार्गदर्शक सिद्धांत दिए हैं, जिनमें से एक स्वच्छता है। वास्तव में, स्वच्छता ही बापू को सबसे सुंदर श्रद्धांजलि है। सत्य, अहिंसा और प्रेम का संदेश देने वाला बापू का जीवन हमें निरंतर प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रदान करता है।”
शास्त्री जी के संदेश को भी किया याद
उन्होंने शास्त्री जी के सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के माध्यम से एकता और आत्मनिर्भरता के संदेश पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “लाल बहादुर शास्त्री जी का मुख्य संदेश सादगी, ईमानदारी, राष्ट्रसेवा और 'जय जवान, जय किसान' के माध्यम से देश की एकता और आत्मनिर्भरता का था।”
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला समेत सुभाष श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार पांडे, लल्लन पांडे, महेंद्र तिवारी, विनोद सिंह, बालाजी मिश्रा, राम सिंह, राज कपूर, कृष्णानंद, आशीष कुमार राय और केदारनाथ त्रिपाठी मौजूद रहे।
(एएनआई)
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