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जौनपुर पहुंची 'जेन जी कनेक्ट साइकिल यात्रा'

जौनपुर पहुंची 'जेन जी कनेक्ट साइकिल यात्रा', युवाओं ने उठाए रोजगार के मुद्दे

जौनपुर में 'जेन जी कनेक्ट साइकिल यात्रा' के तहत युवाओं ने शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया।

जौनपुर पहुंची जेन जी कनेक्ट साइकिल यात्रा युवाओं ने उठाए रोजगार के मुद्दे

जौनपुर पहुंची 'जेन जी कनेक्ट साइकिल यात्रा' |

जौनपुर: रोजगार, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता समेत युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर गोरखपुर के चौरी चौरा से 20 अगस्त को शुरू हुई 'जेन जी कनेक्ट साइकिल यात्रा' मंगलवार को जौनपुर पहुंची। गांधी तिराहे पर कांग्रेस नेता विकेश उपाध्याय 'विक्की' और बीआरएस नेता हिमांशु तिवारी के नेतृत्व में यात्रा का स्वागत किया गया। यात्रियों का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया। इसके बाद महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं के मुद्दों पर लोगों को किया जागरूक

गांधी तिराहे से यात्रा दीवानी तिराहे पहुंची, जहां भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। इसके बाद यात्रा टीडी पीजी कॉलेज होते हुए नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी। इस दौरान युवाओं ने शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों को जागरूक किया।

परीक्षा में पारदर्शिता और रोजगार के बेहतर अवसरों समेत 10 सूत्रीय मांगें उठाईं

यात्रा के सदस्य प्रियेश कुमार ने बताया कि 'जेन जी कनेक्ट' यात्रा और 'जस्टिस मार्च' के माध्यम से युवाओं और विद्यार्थियों की 10 सूत्रीय मांगें उठाई जा रही हैं। अभियान में सरकारी भर्तियों में तेजी, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान के तहत हर साल भर्ती कैलेंडर जारी करने, प्रतियोगी परीक्षाएं निर्धारित समय पर कराने और सभी रिक्त सरकारी पदों को समयबद्ध तरीके से भरने की मांग की गई। लंबे समय से लंबित भर्तियों और नियुक्तियों को शीघ्र शुरू करने की भी मांग उठाई गई।

एनटीए भंग करने और समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की मांग

युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में नॉर्मलाइजेशन खत्म करने और प्रत्येक अभ्यर्थी को स्कोर कार्ड उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को भंग करने, नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लेने और ठेका व संविदा प्रथा समाप्त कर समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की मांग भी उठाई।

समान फेलोशिप और छात्रों-शिक्षकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग

अभियान में निजी स्कूलों की फीस की अधिकतम सीमा सरकार द्वारा निर्धारित करने और शोधार्थियों के लिए समान फेलोशिप तय करने की मांग शामिल है। पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्रों व शिक्षकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी की गई। अभियान से जुड़े लोगों ने कहा कि युवाओं के भविष्य को देखते हुए भर्ती और परीक्षा तंत्र में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही जरूरी है।  

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