MP News : भोपाल। एक तरफ सरकार प्रदेश में बाघों को बसाने की योजना पर काम कर रही है तो दूसरी तरफ प्रदेश में लगातार बाघों की मौत के मामलों..
MP News : भोपाल। एक तरफ सरकार प्रदेश में बाघों को बसाने की योजना पर काम कर रही है तो दूसरी तरफ प्रदेश में लगातार बाघों की मौत के मामलों ने वन विभाग और सरकार की चिंता बढ़ा दी है। पिछले वर्ष राज्य में 55 बाघों की मौत दर्ज की गई, जिसके बाद अवैध शिकार और वन अपराधों पर लगाम लगाने के लिए अब सख्त कदम उठाए गए हैं।
15 फरवरी तक चलेगा अभियान
वन विभाग ने 10 जनवरी से प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व और वन मंडलों में ‘ऑपरेशन वाइल्ड टाइगर’ की शुरुआत की है। यह विशेष अभियान 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। अभियान के तहत, 9 टाइगर रिजर्व और 63 वन मंडलों में गश्त और निगरानी तेज कर दी गई है।
यह है योजना
वन विभाग के अनुसार, यह अभियान मुख्य रूप से अवैध शिकार, फंदे लगाने, करंट से शिकार करने और गैरकानूनी हथियारों के इस्तेमाल को रोकने के लिए चलाया जा रहा है। सभी वन मंडलों को रोजाना पेट्रोलिंग और सप्ताह में कम से कम तीन रात विशेष नाइट पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
अतिरिक्त सुरक्षा
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा के तौर पर डॉग स्क्वॉड और मेटल डिटेक्टर भी तैनात किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि बाघों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
2025 में 55 बाघों की हुई मौत
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में अकेले मध्यप्रदेश में 55 बाघों की मौत हो चुकी थी, जबकि देशभर में यह संख्या 167 तक पहुंच गई थी। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार ने इस विशेष अभियान को लागू करने का फैसला लिया है। वन विभाग को उम्मीद है कि इस सघन कार्रवाई से अवैध शिकार पर रोक लगेगी और बाघों के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
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