देश के विभिन्न मठों के अध्यात्मि गुरुओं के संगठन सनातन संस्कृति संसद की ओर से महागगर के सबसे बड़े मैदान ब्रिगेड परेड मैदान में गीता पाठ का आयोजन किया गया।
ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित सामूहिक गीता पाठ में राज्यपाल सीवी आंनद बोस हुए शामिल |
कोलकाता। देश के विभिन्न मठों के अध्यात्मि गुरुओं के संगठन सनातन संस्कृति संसद की ओर से महागगर के सबसे बड़े मैदान "ब्रिगेड परेड मैदान" में "गीता पाठ" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों समेत कई राज्यो के साधु-संतों ने लाखों की संख्या में हिस्सा लेकर सामूहिक गीता पाठ किया। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बतौर मुख्य वक्ता कहा कि अराजकता, हिंसा, अन्याय, दुर्दशा को समाप्त करने के लिए पश्चिम बंगाल तैयार है।
उन्होंने गीता के कई प्रसंगों का संस्कृक श्लोक में जिक्र करते हुए रुक रुक कर हिंदी में कहा कि महाभारत युद्द में जयद्रथ के वध के समय श्रीकृण ने सूर्योदय कराया था। उसी तरह सूर्य का उदय है और दुश्मनों को पराजित करना है। कार्यक्रम में, भाजपा नेता व केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजुमदार, भाजपा नेता व पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य सहित अनेक भाजपा नेता मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजुमदार ने कार्यक्रम में आए साधु-संतों के लिए भोजन की व्यवस्था की। इसी प्रकार दूसरे भाजपा नेताओं ने उनके लिए अलग-अगल व्यस्थाएं की।
सनातन संस्कृति संसद के साधु-संतों के अनुसार हिंदुओं के आध्यात्मिक जागरण के मकसद से गीता पाठ का अयोजन किया गया है। इसके पहले भी इस तरह का आयोजन नवद्वीप और सिलीगुड़ी में किया जा चुका है। कोलकाता में भी गीता पाठ का अयोजन हो चुका है जिसमें लाखों की संख्या में देशभर के साधु-संतों ने हिस्सा लिया था। कोलकाता के लिए यह कोई नया नहीं है। आयोजकों के अनुसार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी कार्यक्रम में आने का अनुरोध किया गया था लेकिन उनकी तरफ से कोई जबाव ही नहीं आया।
ब्रिगेड परेड मैदान में तीन मंच पार्थ सारथी, चैतन्य और शंकराचार्य के नाम से मंच बनाए गए। तीनों मंचों से सामूहिक गीता पाठ किया गया। गीता पाठ शंख ध्वनि से शुरू हुआ। गीता पाठ की समाप्ति के मौके पर राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने संस्कृत में गीता के कई श्लोक पढ़कर प्रसंग बताया। उन्होंने जयद्रथ वध के प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि सूर्य के डूब जाने और प्रतीज्ञा के अनुसार जयद्रथ का वध नहीं कर पाने से अर्जुन दुखी थे। लेकिन भगवान कृष्ण ने ही सूर्य को ढककर अंधकार किया था और फिर उन्होंने समय पर सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित किया और तब अर्जुन ने जयद्रथ का वद्ध किया। राज्यपाल ने इस प्रसंग का जिक्र कर पश्चिम बंगाल की स्थिति के बारे में जिक्र किया। उन्होंने वाल्मीकि और दूसरे ऋषियों का जिक्र करते हुए देवताओं के रूपों और धर्म-कर्म की बात की। उन्होंने सर्व धर्म सम भाव पर जोर देते हुए कहा कि मनुष्य को अपना कर्तव्य करते रहना चाहिए।
जानकारों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस कार्यकर्म को हिंदुओं को एकत्रित करने और साधु-संतों से भाजपा नेताओं के संबंध को जताने का कार्यक्रम माना जा रहा है। टीएमसी सांसद कल्याण मुखर्जी का कहना है कि पश्चिम बंगाल भाजपा की जगह नहीं है। यहा लोगों को बांटने की भाजपा की राजनीति प्रभावी नहीं हो सकती। पश्चिम बंगाल भाजपा की राजनीति को समझता है।
वहीं टीएमसी से निष्काषित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर और बेलडांगा के बीच बाबरी मस्जिद के निर्माण अभियान के पलट जवाब में इस कार्यक्रम को देखा जा रहा है।
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