भोपाल। मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध और फर्जी निवेश घोटालों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है।
भोपाल। मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध और फर्जी निवेश घोटालों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। सरकार ने ऐसे मामलों पर नकेल कसने के लिए 8 वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसमें 5 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी शामिल हैं।
फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम के जाल को पूरी तरह खत्म करेगा टीम
इस विशेष टीम का मुख्य उद्देश्य साइबर फ्रॉड और फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम के जाल को पूरी तरह से खत्म करना है। सरकार की इस रणनीति है कि यह टीम प्रदेश में होने वाली साइबर ठगी की घटनाओं पर तत्काल संज्ञान लेगी और दोषियों के खिलाफ तेजी से कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
फर्जी निवेश घोटालों पर प्रहार
हाल के समय में निवेश के नाम पर हो रही धोखाधड़ी (जैसे फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स, पोंजी स्कीम्स आदि) पर यह टीम पैनी नजर रखेगी। केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि यह टीम आम जनता को साइबर ठगों के तौर-तरीकों से बचाने के लिए उन्हें जागरूक करने का काम भी करेगी।
यह कदम इसलिए उठाया गया
पिछले कुछ समय में मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में भारी उछाल देखा गया है। विशेष रूप से निवेश के नाम पर आम नागरिकों की मेहनत की कमाई ठगे जाने की घटनाओं ने प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इसी स्थिति को देखते हुए, राज्य सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय टीम बनाकर इन अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। उम्मीद की जा रही है कि इस विशेष टीम के गठन से साइबर अपराधों की जांच में तेजी आएगी और अपराधियों में कानून का भय बढ़ेगा।
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