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यूपी पीडब्ल्यूडी में कम दर पर टेंडर डालकर...

यूपी पीडब्ल्यूडी में कम दर पर टेंडर डालकर ठेका हथियाने पर लगेगी लगाम

UP News : उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग में एक सीमा से अधिक कम दर पर टेंडर डालकर ठेका हथियाने के खेल में अब लगाम लगाने की तैयारी है...

यूपी पीडब्ल्यूडी में कम दर पर टेंडर डालकर ठेका हथियाने पर लगेगी लगाम

यूपी पीडब्ल्यूडी में कम दर पर टेंडर डालकर ठेका हथियाने पर लगेगी लगाम |

UP News : उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग में एक सीमा से अधिक कम दर पर टेंडर डालकर ठेका हथियाने के खेल में अब लगाम लगाने की तैयारी है। यूपी पीडब्ल्यूडी ने इस खेल रोक लगाने और विभागीय निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। लोक निर्माण विभाग ने सड़कों की खराब गुणवत्ता की बड़ी वजह बन रहे बिलो टेंडर (बहुत कम दरों) पर सख्ती करने की तैयारी शुरू कर दी है। अनुमानित लागत से बहुत कम दरों पर टेंडर डालने की प्रवृत्ति रोकने के लिए विभाग ने एक कॉन्सेप्ट नोट तैयार किया है, जिस पर आम लोगों समेत सभी हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं।

विभाग की ओर से जारी नोट में कहा गया है कि 5 करोड़ से कम लागत वाले कामों में 10 प्रतिशत से अधिक कम दरों पर टेंडर प्राप्त होने पर अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी मनी जमा कराई जाएगी। 5 करोड़ से अधिक के काम में 15 प्रतिशत से कम दरों पर निविदा प्राप्त होने पर उस ठेकेदार के दो कामों की जांच होगी। दो ठेकेदारों की एकसमान रेट पर निविदा प्राप्त होने पर अधिकतम बिड कैपेसिटी वाले निविदादाता को न्यूनतम निविदादाता माना जाएगा। साथ ही 15 प्रतिशत से कम दरों पर प्राप्त निविदाओं में उस ठेकेदार के निर्माणाधीन एक काम का चयन किया जाएगा, जिसका अनुबंध सबसे कम दर पर गठित किया गया हो। वर्तमान में कोई कार्य नहीं कराए जाने की स्थिति में विशेष आदेश जारी कर उसके द्वारा पूर्व में कराए गए कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। काम की गुणवत्ता की चेकिंग क्षेत्रीय मुख्य अभियंता की ओर से नामित अधिकारी करेगा। खराब गुणवत्ता पाए जाने पर ठेकेदार को दो वर्ष के लिए डिबार किया जाएगा। साथ ही उसकी नई निविदा निरस्त करते हुए पुनः आमंत्रित की जाएगी।

प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रतिस्पर्धा के कारण कई ठेकेदार जान बूझकर अनुमानित लागत से कम दर पर कार्य हासिल कर लेते हैं। इससे परियोजना का कार्य विलंब से होने के साथ ही कानूनी विवाद व अन्य दिक्कतें आती हैं। निर्माण कार्यों के लिए 10 प्रतिशत से कम दरों पर प्राप्त निविदाओं में अनुमानित लागत व निविदा लागत के अंतर के आधार पर अतिरिक्त परफार्मेंस सिक्योरिटी जमा कराने का प्रविधान लागू होगा।

पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी ने इस संबंध में प्रस्ताव जारी करते हुए 15 दिनों के अंदर संबंधित हितधारकों जैसे ठेकेदार, इंजीनियर व डिप्लोमा इंजीनियर संगठनों के साथ ही अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। उन्होंने कहा कि हितधारक 28 तारीख तक ईमेल hqpwdconceptnote@gmail. com पर सुझाव दे सकते हैं। विभागाध्यक्ष के मुताबिक अत्यधिक कम दरों पर प्राप्त निविदाओं के कारण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में पारदर्शी, व्यावहारिक व उत्तरदायी प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे प्रक्रिया के निर्धारण के लिए यह विभागीय कार्यों में पारदर्शिता आएगी और गुणवत्ता बेहतर होगी।

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