ग्वालियर में आरएसएस से जुड़ा पहला विश्वविद्यालय बनेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बेलागांव में ₹110 करोड़ के ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन किया।
ग्वालियर। शहर में आरएसएस से जुड़ा मध्य प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय स्थापित होने जा रहा है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेलागांव में ₹110 करोड़ की लागत से बनने वाले ऋषि गालव विश्वविद्यालय का विधि-विधान से भूमिपूजन किया।
शिक्षा केवल डिग्री के लिए नहीं, राष्ट्र निर्माण के लिए: मुख्यमंत्री
भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, विश्वविद्यालय सिर्फ डिग्री देने के केंद्र नहीं होते, बल्कि वे समाज को दिशा देने वाले संस्थान होते हैं। यह संस्थान युवाओं को संस्कार, संस्कृति और कौशल से जोड़ते हुए उन्हें देश के विकास में योगदान देने के लिए तैयार करेगा। यहाँ भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान और तकनीक का समावेश होगा।
विश्वविद्यालय में यह विशेष
इस विश्वविद्यालय में 5,000 से अधिक छात्रों के अध्ययन की व्यवस्था होगी। यहाँ पैरामेडिकल, नर्सिंग, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ नैतिक शिक्षा भी अनिवार्य रूप से दी जाएगी। यह विश्वविद्यालय लगभग 55 बीघा जमीन पर फैला होगा।
छात्र नौकरी पाने वाले' नहीं, 'नौकरी देने वाले बनें
कार्यक्रम में मौजूद आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश सोनी ने युवाओं के भविष्य पर जोर देते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की कार्यशाला होना चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि यहाँ से निकलने वाले छात्र केवल नौकरी खोजने वाले न बनें, बल्कि ऐसे उद्यमी बनें जो दूसरों को नौकरी दे सकें।
कार्यक्रम में इन्होंने भी लिया भाग
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उत्तरदायित्व समाज के पास होना चाहिए, जैसा कि प्राचीन काल में हुआ करता था। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद भारत सिंह कुशवाह और पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर सहित संघ और भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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