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MP न्यूज में सबसे ज्यादा अग्निवीर ग्वालियर–चंबल..

मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा अग्निवीर ग्वालियर–चंबल में, मुरैना जिला सबसे आगे और श्योपुर पीछे है

MP News : ग्वालियर। मध्यप्रदेश में अग्निवीर भर्ती को लेकर इस साल ग्वालियर–चंबल अंचल ने सबसे मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।..

मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा अग्निवीर ग्वालियर–चंबल में मुरैना जिला सबसे आगे और श्योपुर पीछे है

मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा अग्निवीर ग्वालियर–चंबल में, मुरैना जिला सबसे आगे और श्योपुर पीछे है |

MP News : ग्वालियर। मध्यप्रदेश में अग्निवीर भर्ती को लेकर इस साल ग्वालियर–चंबल अंचल ने सबसे मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश से चयनित 1407 अग्निवीरों में सबसे बड़ा योगदान इसी अंचल का रहा। इसमें मुरैना जिला सबसे आगे रहा, जबकि श्योपुर सबसे पीछे रहा।

सेना की वर्दी पहनने का जुनून

परंपरा और रुझान ग्वालियर–चंबल क्षेत्र का सेना से पुराना नाता रहा है। यहां के युवाओं में लंबे समय से सेना की वर्दी पहनने का जुनून देखा जाता रहा है। अग्निपथ योजना आने के बाद कुछ समय के लिए यह चर्चा जरूर हुई कि युवाओं का रुझान कम हो सकता है, लेकिन इस साल के नतीजों ने इन आशंकाओं को गलत साबित किया है। क्षेत्र से बड़ी संख्या में युवाओं का चयन इस बात का संकेत है कि सेना अब भी यहां की पहली पसंद बनी हुई है।

जिलों में है स्थिति

मुरैना में सर्वाधिक चयन, नियमित प्रशिक्षण, खेल संस्कृति और कोचिंग का असर। ग्वालियर/भिंड/दतिया: स्थिर प्रदर्शन, ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों से भागीदारी। श्योपुर में भौगोलिक चुनौतियां, संसाधनों और प्रशिक्षण सुविधाओं की कमी के कारण अपेक्षाकृत कम चयन।

इससे मिली सफलता

गांव-गांव में फिजिकल तैयारी और रनिंग ट्रैक की परंपरा है। पूर्व सैनिकों की मौजूदगी और मार्गदर्शनयुवाओं में खेलों (दौड़, कबड्डी, कुश्ती) की मजबूत पृष्ठभूमि है। स्थानीय स्तर पर निजी प्रशिक्षण केंद्रों की सक्रियता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि श्योपुर जैसे पिछड़े जिलों में प्रशिक्षण सुविधाएं, खेल संसाधन और जागरूकता बढ़ाई जाए तो आने वाले वर्षों में वहां से भी चयन बढ़ सकता है। कुल मिलाकर, इस साल के नतीजे बताते हैं कि ग्वालियर–चंबल अंचल अग्निवीर भर्ती में प्रदेश का मजबूत स्तंभ बना हुआ है।

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