भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और उससे जुड़ी मौतों का मुद्दा...
मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों के मामले में विधानसभा में तल्ख बहस
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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और उससे जुड़ी मौतों का मुद्दा गरमाया रहा। कांग्रेस विधायकों द्वारा लगाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
विपक्ष के गंभीर आरोप
कांग्रेस विधायक आतिफ अकील और राजन मंडलोई ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि राजधानी भोपाल में कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि हर रोज 40 से 50 डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं। वर्ष 2025 में अकेले भोपाल में 19 हजार से ज्यादा डॉग बाइट के केस दर्ज हुए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि नसबंदी और टीकाकरण पर हर साल करीब 2 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी सड़कों पर हालात जस के तस हैं।
हमीदिया अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज इंजेक्शन की कमी के कारण हाल ही में ग्वालियर और अन्य जगहों पर तीन लोगों की मौत का उल्लेख किया गया।
मंत्री बोले - भूखा कुत्ता भड़कता है
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए 'कुत्ता' शब्द की जगह 'श्वान' शब्द के उपयोग की सलाह दी और कहा कि श्वान सदियों से इंसानों के पुराने मित्र रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि कुत्ता तभी आक्रामक होता है जब वह भूखा होता है या उसे उत्तेजित किया जाता है। उन्होंने सलाह दी कि अगर मोहल्लों में कुत्तों को खाना मिले तो वे शांत रहते हैं।
मंत्री के इस बयान पर विपक्ष बिफर गया। कांग्रेस नेता भंवर सिंह शेखावत ने तंज कसते हुए विजयवर्गीय को 'कुत्तों का प्रभारी मंत्री' तक कह दिया, वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कड़े शब्दों में कहा - आपके लिए इंसान की जान की कीमत नहीं है, बल्कि कुत्ते कीमती हैं।
भाजपा विधायक गोपाल भार्गव ने तो यहाँ तक मांग कर डाली कि आवारा कुत्तों की नस्ल ही खत्म कर देनी चाहिए। वहीं अजय विश्नोई ने वर्तमान नसबंदी व्यवस्था को तकनीकी रूप से फेल बताया।
बहस के बीच सरकार ने सदन में यह जानकारी साझा की
भोपाल में पिछले 4 साल में 70,672 कुत्तों की नसबंदी और 83,369 का टीकाकरण किया गया। डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला ने स्पष्ट किया कि भोपाल में 5,023 एंटी-रेबीज वैक्सीन का स्टॉक उपलब्ध है और दवाओं की कोई कमी नहीं है। मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के 35 जिला मुख्यालयों में 51 नए श्वान नसबंदी केंद्र खोले जाएंगे। भोपाल में 2 और इंदौर में 3 नए केंद्र प्रस्तावित हैं।
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