हरदा। जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रसव पीड़ा होने पर एक 19 वर्षीय गर्भवती...
हरदा। जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रसव पीड़ा होने पर एक 19 वर्षीय गर्भवती महिला ने अस्पताल जाने के बजाय घर पर ही खुद की डिलीवरी करने की कोशिश की। इस प्रयास के दौरान स्थिति इतनी भयावह हो गई कि नवजात शिशु का शरीर (धड़) तो बाहर आ गया, लेकिन उसका सिर महिला के गर्भाशय (पेट) में ही फंसा रह गया।
अपने ही प्रसव का किया प्रयास
मिली जानकारी के अनुसार, महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी। किसी चिकित्सीय सहायता या बड़ों की सलाह के बिना, महिला ने स्वयं ही प्रसव कराने का प्रयास किया। अत्यधिक खिंचाव या गलत तरीके से किए गए प्रयास के कारण नवजात का धड़ सिर से अलग होकर बाहर गिर गया।
पॉलिथीन में शव लेकर पहुंचे परिजन
जब परिजनों को इस बात का पता चला तो उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में परिजन नवजात के धड़ को एक पॉलीथिन में रखकर और गंभीर हालत में महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में यह नजारा देख डॉक्टर और वहां मौजूद कर्मचारी भी सन्न रह गए।
महिला की हालत नाजुक
महिला की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, क्योंकि नवजात का सिर अब भी उसके शरीर के अंदर फंसा हुआ था, जिसे निकालने के लिए डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन (सर्जरी) की प्रक्रिया शुरू की। इस बीच अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि क्या यह केवल एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य सामाजिक दबाव या कारण था। बिना विशेषज्ञ की देखरेख के घर पर प्रसव की कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है।
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