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युद्ध तैयारी और आत्मनिर्भरता पर जोर

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने बताया IAF का 'VAYU' विजन, लड़ाई के लिए तैयार रहने और आत्मनिर्भरता पर रहेगा जोर

नए एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने रविवार को भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए अपने 'VAYU' विजन के तहत प्राथमिकताएं बताईं।

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने बताया iaf का vayu विजन लड़ाई के लिए तैयार रहने और आत्मनिर्भरता पर रहेगा जोर

IAF' 'VAYU' Vision Focuses on Combat Readiness and Self-Reliance |

नई दिल्ली: नए एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने रविवार को भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए अपने 'VAYU' विजन के तहत प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने लड़ाई के लिए तैयार रहने, स्वीकृत लड़ाकू क्षमता को बहाल करने, स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देने, तकनीकी नवाचार और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल पर जोर दिया। एयर फोर्स स्टेशन के परेड ग्राउंड में जुटे लोगों को संबोधित करते हुए दीक्षित ने कहा कि भारतीय वायुसेना की लड़ाकू क्षमता को स्वीकृत स्तर पर वापस लाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होगा। उन्होंने हर स्क्वाड्रन, रडार यूनिट और एयर डिफेंस यूनिट को कम समय के नोटिस पर जवाब देने के लिए तैयार रहने की जरूरत पर भी जोर दिया।

'VAYU' विजन के तहत पांच प्रमुख प्राथमिकताएं

'VAYU' विजन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, "हमारी प्राथमिकताओं को एक शब्द में बताया जाएगा: VAYU। V का मतलब विजिलेंस और रेडीनेस। हर स्क्वाड्रन, हर रडार, हर एयर डिफेंस यूनिट के साथ-साथ हर एयर वॉरियर को एक पल के नोटिस पर जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए। हमारी कॉम्बैट स्ट्रेंथ को मंजूर लेवल पर वापस लाना भी मेरा सबसे पहला काम होगा। A का मतलब आत्मनिर्भरता। तेजस Mk1A और Mk1, AMCA, भारतीय सेंसर और भारतीय हथियार हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं। हम भारतीय समाधानों के साथ लड़ेंगे और उन्हें इतनी संख्या में शामिल करेंगे, जो लंबे समय तक ऑपरेशन की जरूरतों को पूरा कर सकें। हमारी जिम्मेदारी लड़ना और जीतना है, लेकिन सबसे जरूरी है भरोसेमंद एयर पावर के जरिए टकराव को रोकना।"

AI और काउंटर-ड्रोन तकनीक पर रहेगा जोर

तकनीकी विकास और ऑपरेशनल इनोवेशन पर बात करते हुए दीक्षित ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कमांड और कंट्रोल सिस्टम, काउंटर-ड्रोन डिफेंस और नियर-स्पेस को ऑपरेशनल क्षेत्र के रूप में विकसित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "Y का मतलब है युक्ति यानी नई सोच। सिद्धांतों, तरीकों और तकनीक में नवाचार जरूरी है। नेटवर्क आधारित और AI से लैस कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम, बहुस्तरीय काउंटर-ड्रोन डिफेंस, बेहतर मेंटेनेंस व्यवस्था, सैन्य सुरक्षा, लचीलापन और वायुसेना के लिए नियर-स्पेस का इस्तेमाल ऐसे क्षेत्र हैं, जिन पर लगातार काम किया जाएगा। U का मतलब है प्रयासों में एकता। संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार के विजन के साथ हम अपनी सेना, नौसेना और राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर योजना बनाएंगे और काम करेंगे।"

बदलती तकनीक से बदल रहा युद्ध का स्वरूप

युद्ध के बदलते स्वरूप का जिक्र करते हुए एयर चीफ मार्शल ने कहा कि ड्रोन, लंबी दूरी तक मार करने वाले सटीक हथियार, अंतरिक्ष और साइबर क्षमताओं जैसी नई तकनीकें सुरक्षा के माहौल को बदल रही हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने पूर्ववर्ती एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के नेतृत्व की भी सराहना की। दीक्षित ने कहा, "मैं एयर चीफ मार्शल एपी सिंह से पदभार संभाल रहा हूं, जिनके नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायुसेना ने दिखाया कि सटीक और निर्णायक एयर पावर क्या हासिल कर सकती है। मैं उन्हें एक ऐसी फोर्स सौंपने के लिए धन्यवाद देता हूं, जो पूरी तरह तैयार है। हमारा सुरक्षा माहौल अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसके अलावा, ड्रोन, लंबी दूरी के सटीक हथियार, स्पेस, साइबर, AI और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम जैसी नई तकनीकें और प्रणालियां युद्ध का स्वरूप बदल रही हैं। वायुसेना को अगले दशक में भारत की जरूरतों के अनुरूप खुद को बदलना होगा और हमेशा लड़ने व जीतने के लिए तैयार रहना होगा।"

वायुसेना के जवानों और उनके परिवारों का कल्याण भी प्राथमिकता

दीक्षित ने आगे कहा कि एयर वॉरियर्स, अग्निवीरवायु कर्मियों, नागरिक कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों का कल्याण भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने प्रशिक्षण, पेशेवर दक्षता और जवानों के मनोबल को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "एयर पावर सबसे ज्यादा प्रभावी तब होती है, जब इसे शुरुआत से ही योजनाओं में शामिल किया जाता है। इन सभी प्रयासों का आधार हमारे लोग हैं। हमारे एयर वॉरियर्स, अग्निवीरवायु, नागरिक कर्मचारी, पूर्व सैनिक, वीर नारियां और उनके परिवार। उनकी ट्रेनिंग, पेशेवर दक्षता, मनोबल, सुरक्षा, कल्याण और सम्मान पर मेरा व्यक्तिगत ध्यान रहेगा। मेरी मातृभूमि के साथी नागरिकों, आप भरोसा रखें कि आपकी वायुसेना सतर्क, तैयार और दृढ़ संकल्पित है। हमारी प्रतिबद्धता स्पष्ट है- तैयार रहना, लगातार बदलाव करना और जब भी देश बुलाए, अपना कर्तव्य निभाना।"

आशुतोष दीक्षित ने संभाला 29वें वायुसेना प्रमुख का पदभार

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने रविवार को एयर फोर्स स्टेशन के परेड ग्राउंड में भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाला। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इससे पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। वह एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, PSM, AVSM की जगह लेंगे, जो देश की 42 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं। नेशनल डिफेंस एकेडमी के पूर्व छात्र एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। जारी जानकारी के मुताबिक, चार दशकों के अपने करियर में उन्होंने ऑपरेशंस, फ्लाइट टेस्टिंग, क्षमता विकास और जॉइंट स्टाफ असाइनमेंट सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम किया है।

(ANI)

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