भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के लिए दोहरी मौसम चेतावनी जारी की है। विभाग ने अगले दो दिनों तक भीषण लू चलने का अनुमान जताया है।
शिमला (हिमाचल प्रदेश)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के लिए दोहरी मौसम चेतावनी जारी की है। विभाग ने अगले दो दिनों तक भीषण लू चलने का अनुमान जताया है। इसके बाद इस सप्ताह के अंत तक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होगा, जिससे पूरे राज्य में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना है।
कई जिलों में येलो अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला के मुताबिक 26 और 27 मई को मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इससे कई जिलों में तापमान में तेज़ी से बढ़ोतरी होगी। IMD ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, शिमला और सिरमौर जिलों के कुछ इलाकों के लिए लू की स्थिति को देखते हुए "येलो" अलर्ट जारी किया है।
तापमान में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज
अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम, दोनों ही तापमानों में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटों के दौरान ऊना में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि केलांग 2.5 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा स्थान बना रहा।
28 मई से बदलेगा मौसम का मिजाज
हालांकि, मौसम विभाग ने 28 मई से मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव आने का संकेत दिया है क्योंकि एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करने वाला है। इसके प्रभाव से 28 और 29 मई को हिमाचल प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि होने की भी उम्मीद है। इसके साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं।
किसानों और लोगों के लिए एडवाइजरी जारी
मौसम विभाग ने बदलते मौसम के हालात को देखते हुए निवासियों और किसानों के लिए परामर्श भी जारी किए हैं। निचली पहाड़ियों और मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे लंबे समय तक गर्मी के संपर्क में आने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर शरीर में नमी बनाए रखें और हल्के सूती कपड़े पहनें। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे खड़ी फसलों की हल्की और बार-बार सिंचाई करें। मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग के तरीकों को अपनाएं।
30 मई के बाद राहत की उम्मीद
मध्य और ऊंचे पहाड़ी इलाकों के लिए अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तेज़ हवाएं और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। अस्थायी ढांचों को उखाड़ सकती है और संचार लाइनों को बाधित कर सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने बागों और फसलों की सुरक्षा के लिए ओलावृष्टि से बचाने वाले जाल (हेल नेट) लगाएं, जबकि निवासियों से आग्रह किया गया है कि वे आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर ही रहें और पेड़ों या अस्थिर ढांचों के नीचे शरण लेने से बचें। IMD ने बताया कि 30 मई के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना है। (ANI)
यह भी पढ़ें: खारी बावली में नकली मसाला फैक्ट्री का भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार