भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के बैतूल आगमन पर हेलीपेड परिसर में उनका गरिमामय एवं आत्मीय स्वागत किया गया।
In Betul, President Murmu Praises Tribal Culture and Advocates Organic Farming |
बैतूल (मध्य प्रदेश)। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के बैतूल आगमन पर हेलीपेड परिसर में उनका गरिमामय एवं आत्मीय स्वागत किया गया। आगमन पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राष्ट्रपति मुर्मु का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री डी.डी. उइके, जिले के प्रभारी एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी राष्ट्रपति महोदया का आत्मीय अभिनंदन किया। प्रोटोकॉल के अनुसार अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे तथा पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने राष्ट्रपति मुर्मु का स्वागत कर उनका अभिवादन किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण” महासम्मेलन में शामिल हुई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह 10.50 बजे मिलानपुर टोल नाका हेलीपैड पहुंची। इस दौरान स्वागत के पश्चात राष्ट्रपति मिलानपुर टोल नाका हेलीपेड से कार्यक्रम स्थल लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम के लिये रवाना हुई। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर आगमन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु द्वारा पौधरोपण कर ब्रम्हकुमारी के वरिष्ठ सदस्यों के साथ फोटो सेशन किया। इसके पश्चात कार्यक्रम स्थल पर विभागों की प्रदर्शिनी का अवलोकन किया। मुख्य कार्यक्रम मंच पर राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के बाद द्वीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान मंच पर उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा राष्ट्रपति जी का शॉल, स्मृति चिन्ह एवं पौधा भेंट कर स्वागत अभिनन्दन किया । राजयोगिनी बी.के. मंजु दीदी संचालक बैतूल मप्र द्वारा स्वागत उदबोधन के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियां दी गई।
सतपुड़ा की वादियों में बसे बैतूल जिले के सौंदर्य की सरहाना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने उद्बोधन में सतपुड़ा की वादियों में बसे बैतूल जिले के सौंदर्य की सरहाना की। सुंदर वनोपज और आदिवासियों के रहन सहन को लेकर बोली राष्ट्रपति की आज भी आदिवासी समाज अपनी मुल पारम्परिक परम्परा को सहेजे हुए हैं। अपने उद्बोधन में महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर। 2047 तक विकसित भारत का सपना होगा साकार। जैविक खेती को बढ़ावा देने राष्ट्रपति ने जोर देते हुए कहा कि आज उर्वरक से भूमि बंजर हो रही है हमें आज पुर्वजों वाली खेती की ओर जाना पड़ेगा जैविक खेती से मानव जीवन को बचाना पड़ेगा।
कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति ओम्कारेश्वर के लिए रवाना
राष्ट्रीय गीत और गान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। जिसके बाद राष्ट्रपति ओम्कारेश्वर के लिए रवाना हुई।
यह भी पढ़ेंः मुख्यमंत्री योगी ने लाभार्थियों को बांटे स्वीकृति पत्र, चेक, चाबी और नियुक्ति पत्र