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गोरखपुर में बोले सीएम योगी, जाति, मत या मजहब देश..

'कोई व्यक्ति, जाति, मत या मजहब देश से बढ़कर नहीं हो सकता..', गोरखपुर में बोले सीएम योगी

UP News : गोरखपुर में सीएम योगी ने सोमवार को कहा कि कोई व्यक्ति, जाति, मत या मजहब देश से बढ़कर नहीं हो सकता. अगर हमारी आस्था, हमारी राष्ट्रीय एकता और अखंडता में बाधा पैदा कर रही है..

कोई व्यक्ति जाति मत या मजहब देश से बढ़कर नहीं हो सकता गोरखपुर में बोले सीएम योगी

'कोई व्यक्ति, जाति, मत या मजहब देश से बढ़कर नहीं हो सकता..', गोरखपुर में बोले सीएम योगी |

UP News : गोरखपुर में सीएम योगी ने सोमवार को कहा कि कोई व्यक्ति, जाति, मत या मजहब देश से बढ़कर नहीं हो सकता. अगर हमारी आस्था, हमारी राष्ट्रीय एकता और अखंडता में बाधा पैदा कर रही है तो हमें अपनी आस्था को एक ओर करना होगा. वे 'एकता यात्रा' और राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गायन के लिए एक कार्यक्रम में उपस्थित हुए. उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया. 

सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोगों के लिए आज भी भारत की एकता और अखंडता से बढ़कर उनका मत और मजहब बड़ा हो जाता है. 31 अक्टूबर का दिन राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का प्रारंभ हुआ है, जब गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री मोदी कार्य कर रहे थे तब उन्होंने नर्मदा नदी पर जो सबसे बड़ा बांध बनाया था,

उन्होंने कहा कि उसका नाम सरदार सरोवर रखा. सरदार सरोवर बांध के माध्यम से उन्होंने एक ऐसे स्थल को जो विरान था, उसको आज दुनिया के एक बेहतरीन पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित कर दिया है. राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के प्रति सम्मान की भावना होनी चाहिए. हम उत्तर प्रदेश के प्रत्येक स्कूल और शिक्षण संस्थान में इसका गायन अनिवार्य करेंगे.

साम्प्रदायिक कहकर उसमें संशोधन करने का प्रयास कांग्रेस ने किया

उन्होंने कहा कि आप याद करिए, एक ऐसा गीत, जिसने पूरे भारत की सोई हुई चेतना को जागरूक किया हो. हर क्रांतिकारी 'वंदे मातरम' का उद्घोष करके देश की आजादी के आंदोलन में कूद पड़ा था, जो मंत्र भारत की आजादी का कारण बना, उस मंत्र को भी साम्प्रदायिक कहकर उसमें संशोधन करने का प्रयास कांग्रेस ने किया. 5 और 6 छंद को क्यों पड़ना है, दो छंद में ही हो जाएगा.

सीएम योगी ने कहा कि ऐसे लोग जिन्ना को सम्मान देने के लिए होने वाले कार्यक्रम में शामिल होते हैं, लेकिन सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं होते. हमारा दायित्व बनता है. हम उन कारणों को ढूंढें, जो समाज को बांटने वाले हैं. जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर विभाजन नए जिन्ना को पैदा करने की साजिश का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर विभाजन नए जिन्ना को पैदा करने की साजिश का हिस्सा है. हमें ध्यान रखना होगा कि भारत के अंदर फिर से कोई जिन्ना न पैदा होने पाए. अगर जिन्ना पैदा होने का साहस करता है तो उससे चुनौती मिलने से पहले ही दफन कर देना होगा.

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