MP News : एजेंसी, इंदौर। जिला एवं सत्र न्यायालय ने सौतेली बेटी से दुष्कर्म के आरोपी को यौन अपराधों से बाल संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी ठहराया है।
MP News : एजेंसी, इंदौर। जिला एवं सत्र न्यायालय ने सौतेली बेटी से दुष्कर्म के आरोपी को यौन अपराधों से बाल संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी ठहराया है और दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। लोक अभियोजक अभिजीत सिंह राठौर ने बताया कि इंदौर की जिला एवं सत्र न्यायालय में गठित विशेष अदालत की जस्टिस नौशीन खान ने पीओसीएसओ अधिनियम की धारा 5, 13 और 14 तथा आईटी अधिनियम से संबंधित मामले में सौतेली बेटी के साथ छेड़छाड़ के आरोपी सौतेले पिता को विभिन्न धाराओं के तहत दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला एक नाबालिग लड़की से संबंधित है।
यह है मामला
नाबालिग के पिता का निधन हो गया था और उसकी मां ने दूसरे व्यक्ति से पुनर्विवाह कर लिया था। शादी के बादसौतेले पिता ने लड़की का बार-बार यौन शोषण कर रहा थासाथ ही नाबालिग को किसी से वारदात के बारे में नहीं बताने के लिए चेतावनी दी। सौतेला पिता कुछ समय के लिए घर छोड़कर चला गया और डेढ़ साल बाद वापस आने के बाद फिर गलत काम करने लगा। आरोप है कि सौतेले पिता ने मां और बेटी के अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी किया। पुलिस इंस्पेक्टर सतीश पटेल ने गहन जांच की औऱ सबूत जुटाए और अदालत में आरोप पत्र पेश किया।सहायक जिला लोक अभियोजक लतिका जमरा ने कोर्ट में मामला दायर किया। कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
अदालत का फैसला
दोषी को 7 साल का कठोर कारावास और आईटी अधिनियम के तहत 3 साल का कारावास भी दिया गया। इसके साथ दोषी पर 20,000 रुपये का जुर्माना के साथपीड़ित मुआवजा योजना के तहत 3 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
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