भोपाल। बरगी बांध में हुए भीषण क्रूज हादसे की यह खबर मानवीय साहस और सिस्टम की संवेदनहीनता...
जबलपुर क्रूज हादसे की पीड़ित का दर्द, इजराइल में युद्ध से बची, अपने देश में सिस्टम ने तोड़ा भरोसा |
भोपाल। बरगी बांध में हुए भीषण क्रूज हादसे की यह खबर मानवीय साहस और सिस्टम की संवेदनहीनता की एक मार्मिक कहानी बयां करती है। 30 अप्रैल को जबलपुर के बरगी बांध में हुए दुखद क्रूज हादसे से सुरक्षित बचीं सविता वर्मा ने अस्पताल और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वाराणसी निवासी सविता वर्मा पिछले 16 वर्षों से इजराइल में कार्यरत थीं और हाल ही में भारत लौटी थीं।
उन्होंने बताया कि जिस देश (इजराइल) में युद्ध के साये में वे खुद को सुरक्षित महसूस करती थीं, वहां के सिस्टम पर उन्हें भरोसा था, लेकिन अपने ही देश में एक पर्यटन स्थल पर हुए हादसे के बाद सिस्टम की संवेदनहीनता ने उन्हें झकझोर कर रख दिया।
इस बीच, रविवार को बचाव दल ने 45 वर्षीय कमलराज और उनके 9 वर्षीय भतीजे मयूरम के शव बरामद किए। इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई। शव मिलने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने इसे हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या बताया। उनका आरोप है कि हादसे के बाद भी प्रशासन और अस्पताल की लापरवाही के कारण समय पर इलाज मिलने में देरी हुई।
इलाज से पहले बिल का बनाया दबाव
सविता वर्मा का आरोप है कि जब उन्हें और उनके परिवार को घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, तो वहां मदद से ज्यादा बिल वसूलने पर ध्यान दिया गया। उन्होंने बताया कि दवा देने से पहले उनके हाथ में बिल थमा दिया गया। मामूली टांके और प्राथमिक उपचार के बदले उनसे 4,700 रुपये की मांग की गई और बिल चुकाने के बाद ही आगे की प्रक्रिया की गई।
बेटे ने पेश की साहस की मिसाल
हादसे के समय भगदड़ और चीख-पुकार के बीच सविता के बेटे ने मिसाल पेश की। खुद की जान की परवाह किए बिना उसने अपने पास मौजूद लाइफ जैकेट दूसरों को दे दी ताकि उनकी जान बचाई जा सके। पीड़ितों का कहना है कि तूफान और खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद क्रूज का संचालन किया गया। जब हादसा हुआ, तो मौके पर क्रूज स्टाफ की ओर से कोई स्पष्ट निर्देश या तत्काल बचाव सहायता नहीं मिली। मालूम हो कि जबलपुर के बरगी बांध के अथाह जल सागर में अचानक आए तूफान की वजह से क्रूज पलट गया था। उसमें सवार सैलानी हादसे के शिकार हुए थे।
हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है
इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोगों को स्थानीय नाविकों और बचाव दल की मदद से बचाया गया।
रिसॉर्ट में मस्ती करने आये थे, मातम में बदली खुशियां
मृतकों का परिवार तमिलनाडु से जबलपुर घूमने आया था। वे रिसॉर्ट में छुट्टियां मनाने पहुंचे थे, लेकिन यह सफर हादसे में बदल गया। परिवार के कई सदस्य इस दुर्घटना का शिकार हो गए।
परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
आक्रोशित परिजनों ने कहा कि 13 मौतों के बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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