राजस्थान की राजधानी जयपुर के चांदपोल बाजार स्थित जनाना अस्पताल में गुरुवार को करीब तीन घंटे तक बिजली गुल रहने से सर्जरी, ब्लड बैंक और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के चांदपोल बाजार स्थित जनाना अस्पताल में गुरुवार को करीब तीन घंटे तक बिजली गुल रहने से सर्जरी, ब्लड बैंक और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इस दौरान महत्वपूर्ण इकाइयों को बैकअप बिजली उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी गई।
शॉर्ट सर्किट से ठप हुईं सेवाएं
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के कारण 550 बिस्तरों वाले अस्पताल की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसके चलते एक निर्धारित सीजेरियन सर्जरी को स्थगित करना पड़ा, जबकि गंभीर मरीजों को दूसरे ऑपरेशन थिएटर में स्थानांतरित किया गया। बिजली कटौती का असर ब्लड बैंक पर भी पड़ा, जहां रक्त के नमूनों की प्रोसेसिंग और जांच रिपोर्ट तैयार करने का काम प्रभावित हुआ, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
NICU और लैब सेवाएं भी हुईं प्रभावित
लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से प्रयोगशाला सेवाएं, नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) और वेंटिलेटर कक्ष भी प्रभावित हुए। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आपातकालीन सेवाएं जारी रखीं। अस्पताल अधीक्षक डॉ. नूपुर लोरिया ने बताया कि अस्पताल में एक पूरी तरह कार्यरत ऑपरेशन थिएटर है, जिसके लिए अलग बिजली लाइन और बैकअप सिस्टम पहले से उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "सुबह करीब 10:30 से 10:45 बजे के बीच बिजली चली गई। कुछ देर के लिए बिजली वापस आई, लेकिन जनरेटर पर स्विच करने के दौरान उतार-चढ़ाव के कारण फिर से आपूर्ति बाधित हो गई।"
महत्वपूर्ण इकाइयों को दी गई प्राथमिकता
डॉ. लोरिया ने बताया कि जब यह स्पष्ट हो गया कि बिजली बहाल होने में समय लगेगा, तब अस्पताल प्रशासन ने नर्सरी, लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर, एनआईसीयू और ब्लड बैंक जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों को बैकअप बिजली देने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि 550 बिस्तरों वाले पूरे अस्पताल का भार जनरेटर पर चलाना संभव नहीं था, इसलिए आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी गई।
भविष्य के लिए बढ़ाई जा रही बिजली क्षमता
डॉ. लोरिया ने बताया कि भविष्य में ऐसी समस्या से बचने के लिए अस्पताल की नई इमारत में तीन अलग-अलग स्रोतों से बैकअप बिजली की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा, "पहले अस्पताल की लोड क्षमता 650 किलोवाट थी। इसे पहले 900 किलोवाट तक बढ़ाने की योजना थी, लेकिन अब इसे सीधे 1,500 किलोवाट तक बढ़ाया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न आए।"
मरीजों ने बताई परेशानी
सीजेरियन सर्जरी का इंतजार कर रहीं मीनू सैन ने बताया कि बिजली नहीं होने के कारण उनका ऑपरेशन समय पर नहीं हो सका। उन्होंने कहा, "दो घंटे से बिजली नहीं है। पहले दूसरे मरीजों की सर्जरी चल रही थी, फिर बिजली चली गई।" वहीं, नजमा ने बताया कि उनकी बेटी की सर्जरी निर्धारित थी, लेकिन बिजली कटौती के कारण ऑपरेशन टालना पड़ा। उन्होंने कहा, "दो घंटे से बिजली नहीं है। मेरी बेटी अपनी बारी का इंतजार कर रही थी, लेकिन बिजली जाने के बाद उसे नीचे ले जाया गया।"
(एएनआई)
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