दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को गैर सरकारी संगठन (NGO) सेव इंडिया फाउंडेशन की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को गैर सरकारी संगठन (NGO) सेव इंडिया फाउंडेशन की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिका में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान आगजनी, पुलिसकर्मियों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई थी।
अधिकारियों के समक्ष रखने को कहा पक्ष
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को संबंधित सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखने की स्वतंत्रता दी। अदालत ने निर्देश दिया कि अधिकारी कानून के अनुसार याचिकाकर्ता के प्रतिनिधित्व पर विचार करें और अपने निर्णय की जानकारी उन्हें दें। पीठ ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े मामलों पर सर्वोच्च न्यायालय के 2018 के फैसले के मद्देनजर यही उचित प्रक्रिया होगी।
क्या थी याचिका में मांग?
याचिका में दिल्ली पुलिस को निर्देश देने की मांग की गई थी कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पुलिसकर्मियों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल आपराधिक कार्रवाई की जाए। साथ ही दोषियों से हुए नुकसान की भरपाई भी कराई जाए।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया कि दिल्ली पुलिस को पहले से ही जंतर-मंतर, संसद क्षेत्र और इंडिया गेट जैसे संवेदनशील इलाकों में प्रस्तावित प्रदर्शन की जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त निवारक कदम नहीं उठाए गए। याचिकाकर्ता का कहना था कि हिंसा के बाद भी आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
सीसीटीवी और वीडियो का भी दिया हवाला
याचिका में दावा किया गया कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान नई दिल्ली के कई हिस्सों में अराजकता फैल गई। प्रदर्शनकारियों पर पुलिसकर्मियों पर हमला करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और संसद के आसपास दहशत का माहौल बनाने के आरोप लगाए गए। साथ ही कहा गया कि सीसीटीवी फुटेज, समाचार रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो होने के बावजूद पुलिस ने कथित आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की।
पहले भी पुलिस को भेजा था आवेदन
सेव इंडिया फाउंडेशन ने अदालत को बताया कि उसने प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस को आवश्यक सुरक्षा और निवारक कदम उठाने के लिए आवेदन दिए थे। संस्था ने यह भी कहा कि 6 जून के प्रदर्शन से पहले भी उसने उच्च न्यायालय का रुख किया था, लेकिन पुलिस द्वारा पर्याप्त व्यवस्था का आश्वासन दिए जाने के बाद मामला तत्काल सूचीबद्ध नहीं किया गया।
ANI
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