झालावाड़ की POCSO कोर्ट ने नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास और 44 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
Jhalawar POCSO Court Sentences Accused to Three Years Rigorous Imprisonment in Minor Harassment Case |
झालावाड़ (राजस्थान)। विशिष्ट न्यायालय पोक्सो कोर्ट-2, झालावाड़ ने नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर विभिन्न धाराओं के तहत कुल 44 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान किए जाने की अनुशंसा की है।
9 सितंबर 2024 की घटना
विशिष्ट लोक अभियोजक ने बताया कि 9 सितंबर 2024 को पीड़िता ने अपने पिता के साथ अकलेरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, देवली निवासी आरोपी ने पहले महादेव मंदिर में पीड़िता के साथ छेड़छाड़ की। इसके बाद स्कूल से लौटते समय वह उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर श्मशान की ओर ले गया, जहां उसका हाथ पकड़कर शादी करने की बात कही।
9 गवाहों ने दिया बयान
इसी दौरान पीड़िता के चाचा मौके पर पहुंच गए, जिन्हें देखकर आरोपी वहां से फरार हो गया। घटना के बाद पीड़िता ने पूरी जानकारी परिजनों को दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पूरी करते हुए न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 9 गवाहों के बयान एवं 22 दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को धारा 7/8 पोक्सो अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75(2), 78(2) एवं 137(2) के तहत दोषी करार दिया।
44 हजार रुपये के अर्थदंड के साथ 3 वर्ष की सजा
विशिष्ट न्यायालय पोक्सो कोर्ट-2 के विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को विभिन्न धाराओं में अधिकतम तीन वर्ष के कठोर कारावास और कुल 44 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करते हुए पीड़िता के पुनर्वास के लिए पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत एक लाख रुपये की सहायता राशि देने की भी अनुशंसा की।
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